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महाराष्ट्र सूखा: सोलापुर और धाराशिव जाएंगे शरद पवार, किसानों से मिलेंगे; क्या है अगले दो दिन का कार्यक्रम?

Sun, 01 Nov 2026 05:09 PM IST
निर्मल कांत पीटीआई, पुणे।

सार

महाराष्ट्र के सूखाग्रस्त इलाकों में पानी और चारे की कमी से किसान परेशान हैं। एनसीपी (एसपी) के प्रमुख शरद पवार सोलापुर और धाराशिव का दौरा कर उनकी समस्याएं जानेंगे। इस दौरान वे किन मुद्दों पर बात करेंगे? पढ़िए इस रिपोर्ट में। 
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शरद पवार - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
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महाराष्ट्र में सूखे से प्रभावित इलाकों का जायजा लेने के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार अगले दो दिनों में सोलापुर और धाराशिव जिलों का दौरा करेंगे। उन्होंने रविवार को यह जानकारी दी। इस दौरान वह स्थिति का आकलन करेंगे। साथ ही यह सुनिश्चित करेंगे कि किसानों और ग्रामीणों तक जरूरी सहायता पहुंचे।
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शरद पवार ने यहां बारामती में पत्रकारों से बात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि सूखे से प्रभावित इलाकों में सबसे बड़ी जरूरत पीने के पानी और पशुओं के चारे की है। इस संकट से निपटने के लिए मिलकर प्रयास करने की जरूरत है। 

किन इलाकों का दौरा करेंगे शरद पवार?
उन्होंने कहा, 'मैं पंढरपुर तालुका के सूखा प्रभावित इलाकों का दौरा करूंगा। अगले दिन मैं सोलापुर और धाराशिव जिले के भूम-परांडा जाऊंगा। इन इलाकों के विधायक मेरे साथ रहेंगे और मुझे जमीनी स्थिति के बारे में बताएंगे। पानी और चारे की तत्काल जरूरत है'।
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पवार ने सोलापुर जिले में पानी के संकट का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 139 गांवों में 135 पानी के टैंकरों से पानी पहुंचाया जा रहा है। जबकि अकेले माढ़ा विधानसभा क्षेत्र में 110 टैंकरों की जरूरत है। 

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उन्होंने कहा, ये आंकड़े सिर्फ एक जिले के हैं। अगले कुछ दिनों में मैं बाकी प्रभावित गांवों का दौरा करूंगा और लोगों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनकी जरूरतों को समझूंगा। मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि उनकी जरूरतें पूरी करने के लिए जरूरी इंतजाम किए जाएं। मुझे भरोसा है कि राज्य सरकार सहायता देगी।

सूखा राहत पर क्या अपील की?
पुणे में भाजपा की 'लोकतंत्र बचाओ पदयात्रा' और इसे लेकर चल रही सियासी बयानबाजी के बारे में पूछे जाने पर शरद पवार ने कहा कि सूखा राहत के मुद्दे में राजनीतिक मतभेद नहीं लाने चाहिए।

पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा, 'मैं पहले ही कह चुका हूं कि इसे राजनीतिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। लोगों की मदद के लिए सभी को एक साथ आना चाहिए। मैं जिस बारे में बात कर रहा हूं, वह एक संकट है। मेरा अनुभव कहता है कि हमें राजनीति करने के बजाय इस स्थिति से बाहर निकलने पर ध्यान देना चाहिए'।

किसानों को आर्थिक मदद पर क्या बोले पवार?
सूखे से प्रभावित किसानों के लिए राज्य सरकार की ओर से घोषित आर्थिक सहायता पर पवार ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्रियों के साथ पहले ही चर्चा हो चुकी है। उन्होंने कहा, 'हमने मुख्यमंत्री के साथ बैठक की है। दिल्ली में मंत्रियों के साथ भी बैठक की है। मुझे विश्वास है कि कोई न कोई समाधान निकलेगा'। उन्होंने संकेत दिया कि किसानों की मदद के लिए आगे के उपायों पर चर्चा की जा रही है।

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर क्या कहा?
दिल्ली के रामलीला मैदान में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष के प्रदर्शन पर भी शरद पवार ने बात की। उन्होंने कहा कि केंद्र को इस मुद्दे पर तुरंत फैसला लेना चाहिए।

पवार ने कहा, केंद्र सरकार को ज्ञानेश कुमार के संबंध में तुरंत फैसला लेने की जरूरत है। चूंकि अभी तक कोई फैसला नहीं लिया गया है, इसलिए विपक्षी दल आज और कल दिल्ली में एक साथ आएंगे। सुप्रिया सुले और हमारी पार्टी के अन्य नेता इसमें हिस्सा लेंगे। फिलहाल मेरा ध्यान पानी, चारे और सूखा राहत पर है। 

उजनी बांध में एआई परियोजना पर क्या बोले?
उजनी बांध में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) परियोजना को लेकर किसानों की ओर से उठाई गई चिंताओं पर पवार ने कहा कि वह सोमवार को इलाके का दौरा करेंगे। इस दौरान वह किसानों की आपत्तियों को समझेंगे।

उन्होंने कहा, एआई आ गया है और सारा पानी चला गया है, लोग यही कह रहे हैं। पानी का इस्तेमाल समझदारी से किया जाना चाहिए। मैं कल इलाके का दौरा करूंगा। समझूंगा कि लोग ये चिंताएं क्यों उठा रहे हैं और इस मुद्दे की जांच करूंगा। अगर किसी सुधारात्मक कदम की जरूरत होगी, तो उसे उठाया जाएगा। 

पुणे में पानी की बढ़ती मांग पर क्या कहा?
पुणे में पानी की बढ़ती मांग का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उपलब्ध जल संसाधनों का सावधानी से प्रबंधन करके इस जरूरत को पूरा करना होगा। उन्होंने कहा, खड़कवासला, वरसगांव और अन्य बांधों के पानी का सावधानी से इस्तेमाल किया जाना चाहिए। हमें अभी से लेकर अगले साल लगभग जून तक उपलब्ध पानी का प्रबंधन करना होगा। इस मुद्दे में राजनीति नहीं लाई जानी चाहिए। ध्यान पानी बचाने और उसका प्रबंधन करने पर होना चाहिए।

क्या बारामती आएंगे प्रधानमंत्री मोदी?
शरद पवार ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बारामती स्थित विद्या प्रतिष्ठान आने का प्रस्तावित दौरा अभी तय नहीं हुआ है। उन्होंने कहा है कि वह आएंगे, लेकिन अभी तारीख की पुष्टि नहीं हुई है।
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पवार परिवार नहीं मनाएगा दिवाली
पवार ने कहा कि इस साल उनका परिवार सामान्य तरीके से दिवाली नहीं मनाएगा। परिवार का पूरा ध्यान सूखे से राहत दिलाने पर रहेगा। उन्होंने कहा, इस साल हमारे यहां दिवाली का जश्न नहीं होगा। हम सूखे से निपटने पर ध्यान देंगे। 
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