महाराष्ट्र में महायुति सरकार के कैबिनेट विस्तार से पहले एकनाथ शिंदे वाले शिवसेना गुट में नाराजगी देखने को मिली है। जानकारी के मुताबिक मंत्री पद न मिलने से नाराज शिवसेना विधायक नरेंद्र भोंडेकर ने उपनेता पद से इस्तीफा दे दिया है।
महाराष्ट्र में महायुति सरकार के कैबिनेट विस्तार के दौरान एकनाथ शिंदे वाली शिवसेना में नाराजगी देखने को मिली। पार्टी के उपनेता पद और विभागीय समन्वयक पद से विधायक नरेंद्र भोंडेकर ने इस्तीफा दे दिया है। जानकारी के मुताबिक, नरेंद्र भोंडेकर मंत्री पद न मिलने से नाराज थे।
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महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में नरेंद्र का प्रदर्शन
नरेंद्र भोंडेकर ने हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी पूजा गणेश (बालू) थावकर को 38 हजार 367 वोटों से हराकर जीत हासिल की थी। विधानसभा चुनाव में नरेंद्र भोंडेकर को कुल एक लाख 27 हजार 884 वोट मिले थे।
नरेंद्र भोंडेकर का चुनावी सफर
नरेंद्र भोंडेकर ने 30 साल की उम्र में पहली बार अविभाजित शिवसेना के टिकट पर भंडारा विधानसभा सीट से जीत हासिल की थी। जबकि साल 2019 में पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया था। जिसके बाद निर्दलीय चुनाव लड़कर जीत हासिल की और विधानसभा में पहुंचे। वहीं 2022 में शिवसेना में हुई बगावत के दौरान उन्होंने एकनाथ शिंदे का समर्थन किया था। जिसका लाभ उन्हें साल 2024 के विधानसभा चुनाव में मिला और एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने उन्हें फिर से भंडारा विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया था।
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भंडारा विधानसभा में नरेंद्र भोंडेकर की छवि
स्थानीय विधायक नरेंद्र भोंडेकर अपने इलाके में अपनी मजबूत पकड़ रखते हैं, उन्हें क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के काम और विकास कार्य के लिए जाना जाता है। नरेंद्र भोंडेकर की गिनती एक शिक्षित और सरल नेता के रुप में है। जानकारी के अनुसार, नरेंद्र भोंडेकर सभी पार्टियों और समाज के लोगों में अपनी पकड़ रखते हैं।
विधानसभा चुनाव में मुख्य मुकाबला महायुति और महा विकास अघाड़ी गठबंधनों के बीच था। जिसमें महायुति ने बाजी मारते हुए 288 विधानसभा सीटों में से 230 सीटों पर जीत हासिल की है। इसमें भाजपा ने अकेले 132 सीट, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने 57 और अजित पवार गुट की एनसीपी ने 41 सीटों पर जीत हासिल की है।