पीड़िता सोमवार रात से अपने मुंबई स्थित घर से लापता है। परिजनों ने उसके लापता होने का मामला दर्ज कराया है। घर से लड़की का एक सुसाइड नोट मिला था जिसमें उसने डीआईजी के दबाव में आत्महत्या करने की बात लिखी थी। नोट में पीड़िता ने लिखा, 'आप सभी के अपमान के लिए मैं माफी मांगती हूं, मुझे मत ढूंढना। मैं अब नहीं मिलूंगी और न इस जिंदगी में रहना चाहती हूं। इसीलिए मेरे बिना जीना सीख लेना।'
बता दें कि पीड़िता और डीआईजी के परिवार के बीच पारिवारिक संबंध थे। इसके अलावा दोनों परिवारों में संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा है। पुलिस के अनुसार पीड़िता ने पत्र में ट्रेन के नीचे आकर जान देने की बात लिखी है। पत्र में पीड़िता ने डीआईजी को आत्महत्या के लिए जिम्मेदार बताया है। पत्र में लड़की ने छह जनवरी की रात 12 बजे का समय लिखा है।
यह मामला पहली बार 26 दिसंबर 2019 को सामने आया था। पीड़िता ने पॉक्सो कानून के तहत डीआईजी मोरे के खिलाफ मुंबई के तलोजा पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई थी। एफआईआर घटना के छह महीने बाद दर्ज कराई गई थी। लड़की का आरोप था कि पांच जून, 2019 को पारिवारिक समारोह में डीआईजी ने उसके चेहरे पर केक लगाने के बाद दुर्व्यवहार किया था।