Maharashtra: भाजपा और अब्दुल सत्तार के बीच उस समय तनातनी और बढ़ गई थी, जब भाजपा के वरिष्ठ नेता रावसाहेब दानवे को जालना लोकसभा सीट पर हार का सामना करना पड़ा था। उन्होंने सत्तार पर आरोप लगाया था कि उन्होंने उनकी हार में भूमिका निभाई।
महाराष्ट्र की सिल्लोड सीट पर शिवसेना नेता और राज्य मंत्री अब्दुल सत्तार ने अपने प्रतिद्वंद्वी शिवसेना (यूबीटी) के उम्मीदवार सुरेश बांकर को महज 2420 मतों के अंतर से हराया। यह जीत उनके लिए खास मानी जा रही है, क्योंकि चुनाव में उन्हें केवल विपक्षी शिवसेना (यूबीटी) से ही नहीं, बल्कि उनकी सहयोगी पार्टी भाजपा से भी मुकाबला करना पड़ा।
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लोकसभा चुनाव के बाद बढ़ी दानवे और सत्तार में तनातनी
भाजपा और सत्तार के बीच उस समय तनातनी और बढ़ गई थी, जब भाजपा के वरिष्ठ नेता रावसाहेब दानवे को जालना लोकसभा सीट पर हार का सामना करना पड़ा था। उन्होंने सत्तार पर आरोप लगाया था कि उन्होंने उनकी हार में भूमिका निभाई। जिसके बाद विधानसभा चुनाव से पहले तक दोनों नेताओं के बीच बयानबाजी शुरू हो गई थी।
उद्धव ठाकरे ने सत्तार को क्षेत्र के लिए बताया था कलंक
अपने पार्टी के उम्मीदवार बांकर के लिए सिल्लोड में एक चुनावी रैली के दौरान शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने सत्तार को क्षेत्र के लिए कलंक बताया था और भाजपा से उन्हें सत्ता से हटाने का आह्वान किया था।
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सिल्लोड सीट पर हुआ 80 फीसदी मतदान,
सिल्लोड विधानसभा सीट पर इस बार करीब 80 फीसदी मतदान हुआ था। अब्दुल सत्तार ने 2009 और 2014 में कांग्रेस के टिकट पर सिल्लोड से जीत दर्ज की थी। इसके बाद वे शिवसेना (अविभाजित) में शामिल हो गए थे और 2019 में भी उन्होंने इस सीट पर जीत हासिल की। जून 2022 में (एकनाथ) एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में पार्टी के विधायकों ने बगावत की थी और भाजपा से गठबंधन कर लिया था। इस दौरान सत्तार शिंदे गुट के साथ रहे। जिसके बाद महाराष्ट्र में महा विकास अघाड़ी की सरकार गिर गई थी।