महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता और विधायक अबू आजमी के औरंगजेब के बारे में दिए बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। शिंदे ने कहा, अबू आजमी का बयान गलत है और इसकी निंदा की जानी चाहिए। औरंगजेब ने छत्रपति संभाजी महाराज को 40 दिनों तक यातनाएं दी थीं। ऐसे व्यक्ति को अच्छा कहना सबसे बड़ा पाप है और इसलिए आजमी को माफी मांगनी चाहिए। हमारे मुख्यमंत्री ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और उन पर राजद्रोह का मामला दर्ज किया जाना चाहिए।
अबू आजमी ने औरंगजेब को बताया 'महान प्रशासक'
आजमी ने मुंबई में मीडिया से बात करते हुए कहा था, 'सारा गलत इतिहास दिखाया जा रहा है। औरंगजेब ने कई मंदिर बनवाए...औरंगजेब क्रूर नहीं था।' एक समाचार चैनल के साथ इंटरव्यू में सपा नेता ने कहा था, 'मैंने औरंगजेब के बारे में जितना पढ़ा है, उसने कभी भी जनता का पैसा अपने लिए नहीं लिया, उसका शासन बर्मा (वर्तमान म्यांमार) तक फैला हुआ था, उस समय देश को सोने की चिड़िया कहा जाता था। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि वह एक महान प्रशासक थे, उसकी सेना में कई हिंदू कमांडर थे।'
कहां से शुरू हुआ विवाद
यह ताजा विवाद मराठा साम्राज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज के सबसे बड़े बेटे छत्रपति संभाजी महाराज पर केंद्रित एक बॉलीवुड फिल्म छावा से पैदा हुआ है। इस फिल्म का निर्देशन लक्ष्मण उतेरकर ने किया है। इसमें संभाजी के जीवन, राज्याभिषेक और मुगल साम्राज्य, खासकर औरंगजेब के खिलाफ संघर्ष को दिखाया गया है। विकी कौशल ने फिल्म में संभाजी की भूमिका निभाई है, जबकि रश्मि मंदाना ने उनकी पत्नी येसुबाई भोंसले की भूमिका निभाई है। फिल्म में अक्षय खन्ना ने औरंगजेब की भूमिका निभाई है।
पहले भी औरंगजेब का समर्थन कर चुके आजमी
अबू आजमी ने पहली बार औरंगजेब का समर्थन नहीं किया है, बल्कि पहले भी वह उनकी प्रशंसा करते रहे हैं। साल 2023 में उन्होंने ऐसा ही बयान दिया था, जिसके बाद उन्हें जान से मारने की धमकी मिली थी। उस समय में मुंबई के कोलाबा थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी।
मैंने हिंदू भाइयों के खिलाफ एक भी शब्द नहीं कहा: आजमी
वहीं, अपने बयान को लेकर विवादों में घिरने बाद आजमी ने कहा, उस समय राजा सत्ता और संपत्ति के लिए संघर्ष करते थे, लेकिन यह संघर्ष धार्मिक नहीं था। उसने (औरंगजेब ने) 52 साल तक शासन किया और अगर वह वाकई हिंदुओं को मुसलमान बना रहा था तो कल्पना कीजिए कि कितने हिंदुओं ने धर्म परिवर्तन किया होगा। अगर औरंगजेब रहमतुल्लाह ने मंदिर तोड़े थे तो उसने मस्जिदें भी तोड़ी थीं। अगर वह हिंदुओं के खिलाफ होता तो 34 फीसदी हिंदू उसके साथ नहीं होते और उसके सलाहकार हिंदू नहीं होते। इसे हिंदू-मुस्लिम कोण (एंगल) देने की कोई जरूरत नहीं है। यह देश संविधान से चलेगा और मैंने हिंदू भाइयों के खिलाफ एक भी शब्द नहीं कहा है।
आजमी के खिलाफ थाने पहुंचे शिवसेना सांसद म्हास्के
वहीं, शिवसेना सांसद नरेश म्हास्के ने वागले एस्टेट थाने पहुंचकर औरंगजेब के समर्थन में बयान देने को लेकर आजमी के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की। म्हास्के ने कहा, अबू आजमी के खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज किया जाना चाहिए। उन्हें भारत में रहने का कोई अधिकार नहीं है। औरंगजेब ने हजारों हिंदू मंदिरों को नष्ट किया, महिलाओं को यातनाएं दीं, छत्रपति संभाजी महाराज को क्रूरता से प्रताड़ित किया, वह देश का विरोधी था, उसने हमारे देश को लूटा। हमारे नेता एकनाथ शिंदे ने आज सुबह ही मांग की थी कि उनके खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज किया जाए। आज हम यहां उनके खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज कराने आए हैं।
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