महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने भाजपा-शिवसेना गठबंधन वाली सरकार में शामिल होने के अपने फैसले पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि हम लोगों की समस्याओं को हल करने के लिए भाजपा, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के साथ गठबंधन या महायुति में शामिल हुए हैं। हमने राज्य के विकास के लिए यह निर्णय लिया है। राजनीति में न कोई स्थायी दुश्मन है और न कोई स्थायी दोस्त है। हम महाराष्ट्र में सभी को बताना चाहते हैं कि भले ही हम महायुति में हैं, सभी जातियों और धर्मों के लोगों की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है।
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम ने कहा कि जब प्याज का मुद्दा उठा तो कई लोगों के फोन आए। विपक्ष हमेशा गलत जानकारी देता है। मैंने धनंजय से दिल्ली चलने को कहा। धनंजय ने जाकर अधिकतम मदद की अपील की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तुरंत दो लाख मीट्रिक टन प्याज 24 रुपये प्रति किलो की दर से खरीदा। ऐसे में हम सिर्फ लोगों की भलाई और लोगों के लिए काम करने के लिए सरकार में आए हैं।
इससे पहले सरकार में शामिल होने के बाद शनिवार को पहली बार बारामती पहुंचे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता अजित का भव्य स्वागत हुआ। बारामती राकांपा प्रमुख शरद पवार का गढ़ कहा जाता है। विधानसभा में अजित इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।
इस दौरान एक रैली में उन्होंने कहा कि भाजपा-शिवसेना गठबंधन सरकार में शामिल होने का एकमात्र कारण राज्य का विकास था। उन्होंने देश में कई परियोजनाओं को लागू करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि मैं बारामती के लोगों का भरोसा नहीं तोड़ूंगा। एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस की सरकार में शामिल होने का एकमात्र कारण महाराष्ट्र का विकास था। मैं कभी किसी का अपमान नहीं करना चाहता था, मैंने तो बस सच्चाई को स्वीकार किया है।
अजित पवार ने पिछले महीने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उनके इस कदम ने सभी को चौंका दिया था। उनके साथ राकांपा के आठ बागी विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली थी।