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Maharashtra: डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे का एक्स अकाउंट हुआ हैक, हैकर्स ने पोस्ट किए पाकिस्तान और तुर्किये के झंडे

Sun, 21 Sep 2025 10:12 AM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

Eknath Shinde's 'X' Account Hacked: महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे का एक्स अकाउंट अब से कुछ देर पहले हैक कर लिया गया था। हालांकि करीब 35-40 मिनट बाद इसे साइबर पुलिस ने वापस हासिल कर लिया। पुलिस के अनुसार, उनके अकाउंट से पाकिस्तान और तुर्किये के झंडे पोस्ट किए गए थे।
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एकनाथ शिंदे, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री - फोटो : X @mieknathshinde
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विस्तार
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महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पहले ट्विटर) अकाउंट रविवार को हैक हो गया। हैकर्स ने अकाउंट पर पाकिस्तान और तुर्किये के झंडों की तस्वीरें और लाइव स्ट्रीमिंग भी पोस्ट की। इस मामले में अधिकारियों ने बताया कि साइबर क्राइम पुलिस को तुरंत जानकारी दी गई। लगभग 30 से 45 मिनट की मेहनत के बाद उनका अकाउंट वापस हासिल कर लिया गया। पुलिस अधिकारी ने कहा, 'हमने तुरंत साइबर अपराध पुलिस को सूचित किया। उपमुख्यमंत्री के एक्स हैंडल की प्रभारी हमारी टीम ने बाद में अकाउंट को पुनः प्राप्त कर लिया।'
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नाना पटोले ने साइबर सुरक्षा पर उठाए सवाल
हालांकि, महाराष्ट्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नाना पटोले ने साइबर सुरक्षा पर सवाल उठाए और राज्य के गृह विभाग से लोगों को ऐसे खतरों से बचाने के लिए स्पष्ट जवाब देने की मांग की। महाराष्ट्र कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष पटोले ने कहा कि यह घटना चौंकाने वाली है और इसने राज्य के साइबर सुरक्षा ढांचे पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि हैकिंग की घटना पर तीखी प्रतिक्रिया हुई है, खासकर जेन-जेड वर्ग की ओर से, जिन्होंने पूछा है कि अगर वरिष्ठ मंत्रियों के सोशल मीडिया अकाउंट सुरक्षित नहीं रह सकते, तो आम नागरिकों की ऑनलाइन सुरक्षा की क्या गारंटी है?
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इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?- पटोले
कांग्रेस विधायक ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि इसने राज्य के गृह विभाग को भी सुर्खियों में ला दिया है, जहां आलोचक पूछ रहे हैं कि इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा और नागरिकों के डिजिटल डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या ठोस व्यवस्थाएं हैं। सरकार ने हाल ही में एक केंद्रीकृत डेटाबेस बनाने के उद्देश्य से अपनी 'गोल्डन डेटा' योजना की घोषणा की है। हालांकि, एक मंत्री के अकाउंट में सेंध लगने की घटना ने सरकारी वेबसाइटों और संवेदनशील आधिकारिक डेटा की सुरक्षा व्यवस्था की मजबूती पर संदेह पैदा कर दिया है। नाना पटोले ने मांग की कि गृह विभाग नागरिकों को साइबर खतरों से बचाने के लिए स्पष्ट जवाब दे।


 
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