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Maharashtra: महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण पर राजनीति बरकरार; अब फडणवीस बोले- इसकी कानूनी जांच होनी चाहिए

Wed, 25 Sep 2024 03:14 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

फडणवीस ने यह भी कहा कि कानूनी ढांचे के भीतर मराठा समुदाय को आरक्षण देने के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही पुलिस भर्ती में मराठा समुदाय के लिए महत्वपूर्ण अवसर पैदा किए जा रहे हैं। 
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महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस। - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव से पहले मराठा आरक्षण को लेकर सियासी विवाद बना हुआ है। यहां के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को मराठा समुदाय के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए गए प्रमुख कदमों को गिनाया। साथ ही आरक्षण की कानूनी जांच परख की आवश्यकता पर जोर दिया।

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आरक्षण को अदालत में भी बरकरार रखा जाए यह सुनिश्चित...
फडणवीस ने यह भी कहा कि कानूनी ढांचे के भीतर मराठा समुदाय को आरक्षण देने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस भर्ती में मराठा समुदाय के लिए महत्वपूर्ण अवसर पैदा किए जा रहे हैं। सारथी पहल ने मराठा समुदाय के 12 आईएएस, 18 आईपीएस और 480 एमपीएससी अधिकारी तैयार किए हैं। यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि (सरकार द्वारा) दिए गए किसी भी आरक्षण को अदालत में बरकरार रखा जाए।

क्या है सारथी?
फडणवीस ने नवी मुंबई में दिवंगत अन्नासाहेब पाटिल की जयंती पर मथाडी कार्यकर्ताओं की एक सभा को संबोधित करते हुए यह बात कही। बता दें, छत्रपति शाहू महाराज अनुसंधान, प्रशिक्षण और मानव विकास संस्थान (सारथी) मराठा और कुनबी-मराठा समुदायों के शैक्षिक, सामाजिक और वित्तीय विकास के लिए स्थापित महाराष्ट्र सरकार का एक स्वायत्त संस्थान है।
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सरकार की योजना पर कही ये बात
फडणवीस का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब मराठा कोटा आंदोलन के नेता मनोज जरांगे ओबीसी श्रेणी में मराठा समुदाय को शामिल करने की मांग को लेकर भूख हड़ताल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मराठा छात्रों की सहायता के लिए सरकार उन छात्रों को 7,000 रुपये का निर्वाह भत्ता देती है, जिन्हें छात्रावास में प्रवेश नहीं मिल पाता है तथा लड़कियों को मुफ्त शिक्षा दी जाती है।

उन्होंने मथाडी कार्यकर्ताओं और मराठा समुदाय का समर्थन करने के लिए कई प्रमुख पहलों और प्रतिबद्धताओं पर प्रकाश डाला।फडणवीस ने कहा कि मथाडी कार्यकर्ताओं के सर्वोत्तम हित में कई निर्णय लिए गए हैं।

आर्थिक विकास निगम के नाम का एलान
उन्होंने मथाडी श्रमिकों के लिए आवास के मुद्दों को हल करने की आवश्यकता पर बल दिया।आर्थिक मोर्चे पर राज्य सरकार की उपलब्धियों को उजागर करते हुए उपमुख्यमंत्री ने आर्थिक विकास निगम के माध्यम से 1 लाख उद्यमियों के सृजन का उल्लेख किया, जिसने 8,400 करोड़ रुपये से अधिक के ऋण वितरित किए हैं। उन्होंने घोषणा की कि निगम का नाम क्रांतिसूर्या अन्नासाहेब पाटिल के नाम पर रखा जाएगा।
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