महाराष्ट्र पुलिस ने बैंक के दो कर्मचारियों समेत तीन लोगों के खिलाफ ग्राहकों का डाटा चुराने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है। तीसरा शख्स बैंक का निलंबित कर्मचारी है।
तीनों पर शामराव विट्ठल कोऑपरेटिव (सीवीसी) बैंक के करीब 447 ग्राहकों की जानकारियां चुराने और उसे लीक करने का आरोप है। इसके चलते बैंक को करीब 29 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा। सीवीसी बैंक के एक शीर्ष अधिकारी ने कर्मचारियों के खिलाफ श्रीनगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। आरोपियों की पहचान शक्तिल कुबाल, पराग शिंदे और राहुल सतम के रूप में हुई है। कुबाल बैंक का निलंबित कर्मचारी है, जबकि पराग बैंक के दिल्ली ब्रांच में कार्यरत है। वहीं, राहुल बैंक के कोयंबटूर ब्रांच में काम करता है।
अधिकारियों ने बताया कि डाटा चोरी का मामला तब सामने आया जब सीवीसी बैंक के एक ग्राहक ने खातों की जानकारी लीक होने की बैंक से शिकायत की। जांच में बैंक के कर्मचारियों की मिलीभगत की बात सामने आई। जांच में पता चला कि ग्राहकों का डाटा चोरी और लीक के मामले में बैंक के कुछ कर्मचारी और निलंबित कर्मचारी शामिल हैं। बैंक की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज जांच शुरू कर दी है। इस मामले में अब तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।