पुणे की विशेष अदालत ने डीआरडीओ के वैज्ञानिक प्रदीप कुरुलकर की पुलिस हिरासत सोमवार को 16 मई तक बढ़ा दी। उन पर एक पाकिस्तानी एजेंट को गोपनीय सूचना मुहैया कराने का आरोप है। अभियोजन पक्ष ने कुरुलकर की हिरासत बढ़ाने की मांग की और कहा कि उनके मोबाइल फोन का विश्लेषण करने की जरूरत है। अभियोजन पक्ष ने न्यायाधीश को बताया कि पुलिस को आरोपियों की मदद से मोबाइल फोन खोलना पड़ा, क्योंकि वे खुद ऐसा नहीं कर सकते थे।
बचाव पक्ष के वकील ने दलील दी कि मोबाइल फोन पहले जब्त किए जाने के बावजूद कोई नई जानकारी नहीं मिली है। पुणे में रक्षा अनुसंधान विकास संगठन (डीआरडीओ) की एक प्रयोगशाला के निदेशक कुरुलकर को महाराष्ट्र पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने तीन मई को गिरफ्तार किया था। एटीएस के एक अधिकारी ने पिछले हफ्ते कहा था कि वैज्ञानिक कथित तौर पर व्हाट्सएप और वीडियो कॉल के जरिए पाकिस्तानी इंटेलिजेंस ऑपरेटिव के एक एजेंट के संपर्क में था। गिरफ्तारी के बाद कुरुलकर के खिलाफ सरकारी गोपनीयता कानून की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।
अभियोजन पक्ष ने अदालत को सूचित किया था कि उन्होंने एक फोन जब्त किया है जिस पर पीआईओ (भारतीय मूल के व्यक्ति) एजेंट ने भारतीय नंबर का इस्तेमाल करके आरोपी को संदेश भेजा था। कुरुलकर ने कथित तौर पर राजनयिक पासपोर्ट पर पांच से छह देशों की यात्रा की थी और अभियोजन पक्ष जानना चाहता था कि इन यात्राओं के दौरान वह किससे मिले थे।