महाराष्ट्र के ठाणे जिले की एक अदालत ने 2023 में अपने रिश्तेदार की हत्या के आरोपी 28 वर्षीय व्यक्ति को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। मामले के मुख्य गवाह के मुकर जाने की वजह से कोर्ट ने सुनाया फैसला। हालांकि, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट समेत अन्य दस्तावेजों से साफ था कि मौत चाकू के घाव की वजह से हुए अत्यधिक रक्तस्राव की वजह से हुई, लेकिन कोर्ट ने कहा कि यह बिना ठोस गवाह के आरोपी के अपराध को साबित नहीं कर सकता है।
क्या है मामला?
4 मई, 2023 को दर्ज की गई एफआईआर के मुताबिक, डोंबिवली इलाके के खंबलपाड़ा निवासी रमेश वेलस्वामी तेवर ने विवाद के बाद अपनी बहन के पति मरिकानी रामास्वामी तेवर की चाकू से छाती पर वार कर हत्या कर दी। आरोपी को 5 मई, 2023 को गिरफ्तार किया गया और पूरी सुनवाई के दौरान हिरासत में रखा गया। हालांकि, तीनों मुख्य गवाह मृतक की पत्नी विजयलक्ष्मी और उसके दो भाई सुनवाई के दौरान अपने बयान से मुकर गए।
कोर्ट ने क्या कहा?
न्यायाधीश इनामदार ने कहा, 'अभियोजन पक्ष को पर्याप्त, ठोस, विश्वसनीय और भरोसेमंद सबूत पेश करने होंगे। अगर अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को उचित संदेह से परे साबित करने में विफल रहा, तो अभियोजन पक्ष का मामला उसके अपराध को साबित करने में विफल रहेगा।'
इस वजह से कोर्ट ने किया बरी
विजयलक्ष्मी ने अपने बयान में हमले को देखने या अपने पति और उसके भाई के बीच किसी भी तरह के झगड़े से इनकार किया। उसके दो भाइयों ने भी एफआईआर में बताए गए बयान से इनकार किया। व्यापक जिरह के बावजूद अभियोजन पक्ष कोई भी दोषी साबित करने वाली गवाही हासिल करने में विफल रहा।
तत्काल रिहा करने का आदेश
कोर्ट ने कहा, 'अभियोजन पक्ष की ओर से पेश कए गए सबूत अपर्याप्त और अविश्वसनीय हैं। इस प्रकार आरोपी के खिलाफ कोई भी अपराध संदेह से परे साबित नहीं होता।' कोर्ट ने उसे तत्काल रिहा करने का आदेश दिया।