'कांग्रेस के भीतर पैदा भ्रम को दूर किया जाना चाहिए'
राज्य इकाई में अंदरूनी कलह के बीच प्रदेश कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता के दिल्ली दौरे के बारे में पूछे जाने पर पवार ने कहा कि यह एक अच्छा कदम है। उन्होंने कहा कि स्थिति को और साफ करने की आवश्यकता है। पूर्व उप मुख्यमंत्री ने कहा, एमवीए के घटक के रूप में हमें लगता है कि कुछ घटनाओं के बाद कांग्रेस के भीतर जो भी भ्रम पैदा किया गया है, उसे दूर किया जाना चाहिए और मुद्दों को हल किया जाना चाहिए।
कांग्रेस के राज्य इकाई प्रमुख पद से दिया इस्तीफा
महाराष्ट्र कांग्रेस नासिक स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में एमएलसी चुनाव के बाद संकट से जूझ रही है, जहां वरिष्ठ नेता बाला साहेब थोराट के भतीजे सत्यजीत तांबे ने निर्दलीय के रूप में जीत हासिल की थी। इसके कुछ दिन बाद थोराट ने कांग्रेस नेतृत्व को पत्र लिखकर पार्टी की राज्य इकाई के प्रमुख नाना पटोले के साथ काम करने में असमर्थता का हवाला दिया था। उन्होंने कांग्रेस विधायक दल के प्रमुक पद से भी इस्तीफा दे दिया।
पटोले ने कहा कि उन्हें थोराट के कांग्रेस दल प्रमुख के पद से हटने के कदम की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि वह (बाला साहेब थोराट) पिछले कुछ दिनों से हमसे बात नहीं कर रहे हैं। हो सकता है कि वह मीडिया से बात कर रहे हों।
राकांपा नेता ने एमएलसी पर हमले की निंदा की
पवार ने हिंगोली जिले में दिवंगत कांग्रेस नेता राजीव सातव की पत्नी एमएलसी सातव पर कथित हमले की भी निंदा की। एमएलसी ने कहा था कि बुधवार को एक अज्ञात व्यक्ति ने उन पर पीछे से हमला किया और उनकी जान को खतरा है। पुलिस ने गुरुवार को इस मामले में 40 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।
सही होनी चाहिए सरकार की प्राथमिकताएं : पवार
यह पूछे जाने पर कि क्या एकनाथ शिंदे-भाजपा सरकार विज्ञापनों पर बहुत अधिक खर्च कर रही है, पवार ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा, यह 'आम लोगों की सरकार' है और अगर विज्ञापन नहीं लाए गए तो आम लोगों को इसके काम के बारे में पता नहीं चलेगा। राकांपा नेता ने कहा कि सरकार की अपनी प्राथमिकताएं सही होनी चाहिए। उन्होंने कहा, अगर हाशिए पर पड़े तबके के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए उस पर पैसा खर्च किया जाए तो ठीक है। यह सरकार का काम है।
पवार ने कार्यकर्ताओं से कहा- उपचुनावों पर करें फोकस
पवार ने यहां राकांपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उनसे कसबा और पिंपरी-चिंचवाड़ उपचुनावों में एमवीए समर्थित उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा, उपचुनावों पर ध्यान केंद्रित करें। इसे निकाय चुनावों का रिहर्सल मानें। पवार ने कहा कि कुछ नेताओं ने गुजरात मॉडल पेश कर केंद्र में सत्ता हासिल की है। उन्होंने कहा, मैंने गलती की। मुझे पिंपरी-चिंचवाड़ मॉडल का प्रदर्शन करके राज्य में सत्ता हासिल करनी चाहिए थी। यह उस समय नहीं किया गया था, लेकिन अब हम इसे कर सकते हैं।