सीएम एकनाथ शिंदे ने शुक्रवार को बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि याकूब मेमन बॉम्बे ब्लास्ट का गुनहगार है। उसे महिमामंडित नहीं किया जा सकता। हम इसे स्वीकार नहीं करेंगे या होने देंगे। मैंने इसके बारे में बीएमसी और मुंबई पुलिस को सूचित कर दिया है। गृह मंत्रालय उचित कार्रवाई करेगा। दरअसल, 12 मार्च 1993 को मुंबई में एक के बाद एक 12 बम धमाके हुए थे। इन धमकों में 250 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। इसके अलावा 713 लोग घायल हुए थे।
कौन था याकूब मेमन, उसका इन धमाकों से क्या कनेक्शन था?
इन बम धमाकों का मास्टर माइंड दाऊद इब्राहिम था। याकूब अब्दुल रज्जाक मेमन 1993 में हुए मुंबई बम धमाके में शामिल आरोपियों में से एक था। पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट याकूब मुंबई धमाकों के मुख्य आरोपी इब्राहिम मुश्ताक 'टाइगर' मेमन का भाई था। 30 जुलाई 1962 को पैदा हुआ याकूब बचपन से ही पढ़ने में काफी तेज था। मेमन परिवार में याकूब ही एक ऐसा इंसान था जो सबसे ज्यादा पढ़ा-लिखा था। 1993 में हुए मुंबई बम धमाके के बाद वह वहां से भाग गया जिसे बाद में नेपाल पुलिस ने काठमांडू हवाई अड्डे से गिरफ्तार कर भारत को सौंप दिया था। तब से लेकर फांसी होने तक याकूब जेल में ही बंद रहा।
याकूब की अकाउंटिंग कंपनी उसके भाई टाइगर मेमन के दो नंबर के धंधे और गैरकानूनी तरीके से हुई कमाई का हिसाब-किताब रखती थी। याकूब ने इस काम से बहुत पैसा कमाया। इसी कमाई से उसने अल हुसैनी इमारत में छह फ्लैट खरीदे। इसी इमारत में टाइगर ने भी पहले से ही दो ड्यूप्लेक्स ले रखे थे।
कैसे हुई याकूब को फांसी?
1993 के मुंबई बम धमाकों में मुख्य साजिशकर्ता दाऊद इब्राहिम, याकूब मेमन और उसके भाई टाइगर मेमन को 27 जुलाई 2007 को टाडा कोर्ट ने दोषी ठहराया था। कोर्ट ने याकूब को आतंकवाद और विनाशक गतिविधि रोकथाम कानून (टाडा) के तहत फांसी की सजा सुनाई गई। 21 मार्च 2013 को सुप्रीम कोर्ट ने भी याकूब मेमन को दोषी करार दिया और उसकी फांसी की सजा बरकार रखी। 30 जुलाई 2015 की सुबह करीब साढ़े छह बजे उसे फांसी पर लटका दिया गया। टाडा की धारा 3 के तहत आतंकवादियों को सहायता और सुविधा पहुंचाने वाले को अधिकतम आजीवन कारावास की सजा हो सकती है। याकूब को ब्लास्ट करने वाले सैयद अल्ताफ अली मुश्ताक अली को हवाई टिकट उपलब्ध कराने और अन्य लोगों को यातायात सुविधा मुहैया कराने का दोषी पाया गया था।