महाराष्ट्र की शिंदे सरकार ने औरंगाबाद का नाम संभाजीनगर और उस्मानाबाद का नाम धाराशिव करने का फैसला किया। इसके आलवा नवी मुंबई हवाई अड्डे का नाम डीबी पाटिल करने के फैसले पर कैबिनेट ने मुहर लगाई। मुंख्यमंत्री एकनाथ शिंदे व उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया, उद्धव ठाकरे ने अपनी आखिरी कैबिनेट बैठक में इन शहरों का नाम बदला था। हालांकि, उनका यह निर्णय अवैध था। इसलिए, एक बार फिर से दोनों शहरों और हवाई अड्डे का नाम बदला गया है।
दरअसल, सियासी संकट के समय पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे ने अपनी अंतिम कैबिनेट बैठक में इन शहरों के नाम बदलने का फैसला किया था। हालांकि, उनके इस फैसले के बाद राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर कहा था कि वह सरकार अल्पमत में है इसलिए वह लोकलुभावन निर्णय नहीं ले सकते हैं।
इस बीच शिंदे सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार की तारीख तय होने के करीब पहुंच गई है। सूत्रों के मुताबिक, मंत्रिमंडल विस्तार 20 जुलाई को हो सकता है। इससे पहले कयास लगाए जा रहे थे कि मंत्रिमंडल विस्तार 17 या 19 जुलाई को हो सकता है। जानकारी के मुताबिक, मंत्रिमंडल विस्तार दो चरणों में होगा। पहले चरण में 10-12 मंत्री बनाए जाएंगे। दोनों दलों को बराबर-बराबर मंत्री पद मिलेंगे। मंत्रिमंडल विस्तार का पहला चरण मानसून सत्र से पहले आयोजित किया जाएगा।
बहुमत परीक्षण के फैसले के बाद लिया था निर्णय
इससे पहले राज्य के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी उद्धव सरकार के फैसले पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा था, दोनों शहरों का नाम बदलने का फैसला अवैध है क्योंकि सरकार के बहुमत परीक्षण का फैसला लिया जा चुका है।
शिवसेना ने पूर्व मंत्री शिवतरे को निष्कासित किया
उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने पूर्व मंत्री विजय शिवतरे को निष्कासित कर दिया है। यह कार्रवाई पार्टी-विरोधी गतिविधियों के आरोप में की गई है। पुणे जिले की पुरंदर सीट से विधायक शिवतरे के निष्कासन की घोषणा शिवसेना के मुखपत्र सामना में की गई। शिवतरे ने पार्टी से निष्कासन के बाद पुणे में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाला धड़ा असली शिवसेना है।