महाराष्ट्र सरकार ने नीट पेपर लीक के विरोध में हुए प्रदर्शनों से जुड़े मामलों में राहत देने की दिशा में कदम बढ़ाया है। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गृह विभाग को प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। राज्य के कई शहरों में छात्रों और सामाजिक संगठनों ने परीक्षा प्रणाली में सुधार और जवाबदेही की मांग को लेकर प्रदर्शन किए थे।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नीट पेपर लीक के विरोध में राज्य के विभिन्न हिस्सों में हुए प्रदर्शनों के दौरान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर वापस लेने के लिए गृह विभाग को निर्देश दिए हैं। सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। सूत्रों के अनुसार, पिछले सप्ताह सबसे अधिक प्रदर्शन मुंबई, पुणे और नागपुर में हुए थे।
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दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व में चल रहे नीट मेडिकल प्रवेश परीक्षा पेपर लीक विरोधी आंदोलन के समर्थन में और 20 जुलाई को राष्ट्रीय राजधानी में प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में महाराष्ट्र में भी प्रदर्शन किए गए थे। इन प्रदर्शनों के दौरान दर्ज अधिकतर पुलिस मामले गैरकानूनी जमावड़े से जुड़े थे।
क्या सभी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ वापस होंगे मामले?
गृह विभाग का प्रभार संभाल रहे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विभाग से राज्य में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने को कहा है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में बड़ी संख्या में छात्रों, युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मई में हुए नीट पेपर लीक मामले को लेकर तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और शिक्षा क्षेत्र में सुधार की मांग करते हुए प्रदर्शन किए थे। इनमें से अधिकांश प्रदर्शन 23 और 24 जुलाई को हुए थे।
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सीजेपी ने दिया था अल्टीमेटम
सीजेपी ने सोमवार को नीट पेपर लीक को लेकर हालिया आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किए गए प्रदर्शनकारियों की तत्काल रिहाई, पहले से दर्ज सभी एफआईआर वापस लेने और भविष्य में कोई नया मामला दर्ज नहीं किए जाने का आश्वासन देने की मांग की थी। सीजेपी ने चेतावनी दी थी कि अगर सरकार मंगलवार तक लिखित समझौता नहीं देती है तो वह अपना आंदोलन फिर से शुरू करेगी।
इससे पहले मंगलवार को ही विपक्षी शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता आदित्य ठाकरे ने भी नीट पेपर लीक के विरोध में सड़कों पर उतरे लोगों के खिलाफ दर्ज एफआईआर और जारी नोटिस वापस लेने की मांग की थी।