BMC Elections: महाराष्ट्र में निकाय चुनाव को लेकर भले ही शिवसेना-भाजपा में आरोप-प्रत्यारोप तेज हैं, लेकिन डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे और सीएम देवेंद्र फडणवीस ने एक साझा संदेश दिया है। दोनों ने साफ कहा कि उन्होंने अपने सहयोगी दलों पर कोई भी आरोप नहीं लगाया है। पढ़ें दोनों नेताओं का बयान...
महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों के आखिरी दौर में चंद्रपुर, नांदेड, और छत्रपति संभाजीनगर जैसे शहरों में चुनावी माहौल तेज है, लेकिन अब बड़े नेता खुद कह रहे हैं, 'यह लड़ाई स्थानीय मुद्दों की है, न कि बड़े राजनीतिक आरोपों की।'
'स्थानीय निकाय चुनावों में बड़े राजनीतिक मुद्दों को लाने की जरूरत नहीं'
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने छत्रपति संभाजीनगर में कहा, 'क्या मैंने सीएम पर आरोप लगाए? या उन्होंने मुझ पर आरोप लगाए? हां, यह सच है कि ये चुनाव स्थानीय चुनाव हैं, जो स्थानीय मुद्दों पर लड़े जाते हैं और स्थानीय पार्टी कार्यकर्ताओं की तरफ से लड़े जाते हैं। इन स्थानीय निकाय चुनावों में बड़े राजनीतिक मुद्दों को लाने की जरूरत नहीं है। लेकिन पार्टी कार्यकर्ता अपने वरिष्ठ नेतृत्व को इन चुनाव अभियानों में शामिल होते देखना पसंद करते हैं।'
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मैं सिर्फ अपने उम्मीदवारों के लिए प्रचार कर रहा हूं- फडणवीस
दूसरी तरफ, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, 'यह स्थानीय निकाय चुनाव हैं, और हमारे कार्यकर्ता ही इस चुनाव में सीधे उतरते हैं। वे सालभर पार्टी के लिए काम करते हैं, इसलिए जब चुनाव आते हैं तो हमारा कर्तव्य है कि हम उनके लिए प्रचार करें।' उन्होंने साफ किया कि उन्होंने किसी विपक्षी या सहयोगी दल के खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं की है। 'यह इन चुनावों का आखिरी अभियान दिवस है और मैंने किसी पर टिप्पणी नहीं की, न विपक्ष पर, न साथियों पर। मैं सिर्फ अपने पार्टी उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार करता रहा।'
निकाय चुनाव स्थगित होने पर भड़के सीएम
वहीं इससे पहले महाराष्ट्र में कुछ जगहों पर आगामी निकाय चुनाव स्थगित होने पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने राज्य निर्वाचन आयोग की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि निर्वाचन आयोग का चुनाव स्थगित करने का फैसला पूरी तरह से गलत है। आज, महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग (एसईसी) ने पुणे जिले की कई नगर परिषदों में चुनाव स्थगित कर दिए हैं, क्योंकि जिला अदालतों द्वारा प्रमुख अपीलों पर आदेश आयोग की निर्धारित समय सीमा से बाद में सुनाए गए थे। अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित परिषदों और वार्डों के लिए संशोधित मतदान तिथि अब 20 दिसंबर निर्धारित की गई है। यानी इन निकायों के लिए मतदान अब 20 दिसंबर को होगा।