मुंबई की एक विशेष अदालत ने मंगलवार को महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और राकांपा नेता नवाब मलिक के खिलाफ भगोड़े गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम और उसके सहयोगियों की गतिविधियों से जुड़े धन शोधन के एक मामले में आरोप तय किए। मलिक ने खुद को निर्दोष बताया। सांसदों-विधायकों के मामलों के विशेष न्यायाधीश सत्यनारायण नवंदर ने मलिक और अन्य आरोपियों के निर्दोष होने की दलील सुनने के बाद उनके खिलाफ आरोप तय किए और उन्हें पढ़कर सुनाया।
इस मामले में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता और उनके परिवार के सदस्यों की ओर से संचालित कंपनियां आरोपी हैं। अब सभी आरोपियों पर धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के संबंधित प्रावधानों के तहत मुकदमा चलाया जाएगा। मलिक के खिलाफ ईडी का मामला राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की ओर से इब्राहिम और उसके सहयोगियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत दर्ज प्राथमिकी पर आधारित है।
इब्राहिम एक नामित वैश्विक आतंकवादी और 1993 के मुंबई सीरियल बम विस्फोटों का एक प्रमुख आरोपी है। ईडी ने इस मामले में मलिक को फरवरी, 2022 में गिरफ्तार किया था। वह फिलहाल सुप्रीम कोर्ट से मिली मेडिकल जमानत पर हैं।