महाराष्ट्र के अकोला में आज भी महिलाओं को अपने मन मुताबिक जिंदगी जीने का अधिकार नहीं है। तभी तो यहां के एक गांव में तलाक के बाद दूसरी शादी करने वाली 35 वर्षीय महिला को उसके समुदाय की एक 'जाति पंचायत' ने सजा के तौर पर थूक चाटने का आदेश दे डाला। एक अधिकारी ने शुक्रवार (14 मई) को बताया कि जाति पंचायत ने महिला पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
महिला ने दर्ज कराई शिकायत
हालांकि, महिला ने हिम्मत दिखाते हुए इन फरमानों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने बताया कि यह घटना पिछले महीने की है, लेकिन महिला के अनाधिकारिक ग्राम परिषद के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के बाद यह मामला सामने आया।
प्राथमिकी दर्ज
अधिकारी ने बताया कि जलगांव में रहने वाली महिला के शिकायत करने के बाद महाराष्ट्र सामाजिक बहिष्कार से संरक्षण अधिनियम, 2016 की धारा पांच और छह के तहत जाति पंचायत के 10 सदस्यों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। उन्होंने बताया कि प्राथमिकी बृहस्पतिवार शाम जलगांव के चोपड़ा सिटी पुलिस थाने में दर्ज की गई। इसके बाद मामले की जांच अकोला के पिंजर पुलिस थाने को सौंप दी गई, जहां यह घटना हुई थी।
बहन व अन्य रिश्तेदारों को पंचायत ने सुनाया फैसला
अधिकारी ने बताया कि पीड़िता का नाता ‘नाथ जोगी’ समुदाय से है और उसके समुदाय की जाति पंचायत उसकी दूसरी शादी स्वीकार नहीं करती। महिला ने 2015 में पहले पति से तलाक के बाद 2019 में दूसरी शादी की थी। उसने पहली शादी 2011 में की थी। ऐसे में नौ अप्रैल को अकोला के वडगांव में पीड़िता के दूसरी शादी पर फैसला लेने के मामले में जाति पंचायत बुलाई गई थी। चर्चा के बाद महिला की बहन व अन्य रिश्तेदारों को बुलाकर पंचायत में अपना फैसला सुनाया। इस दौरान पीड़िता वहां मौजूद नहीं थी।
अधिकारी ने बताया ने कि फैसले के अनुसार, जाति पंचायत के सदस्य केले के एक पत्ते पर थूकते और पीड़िता सजा के तौर पर उसे चाटती। इसके अलावा पंचायत ने पीड़िता को एक लाख रुपये भी देने को कहा। अधिकारी ने शिकायत के हवाले से बताया कि पंचायत की इन शर्तों को पूरा करने के बाद पीड़िता उसके समुदाय में वापस लौट सकती है।