महाराष्ट्र में 10 दिन पुरानी देवेंद्र फडणवीस सरकार के पहले विस्तार में 39 मंत्रियों को शपथ दिलाई गई है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्रियों को मिलाकर मंत्रिमंडल का आकार 42 हो गया है। रविवार को हुए विस्तार में, भाजपा को 19, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को 11 और अजीत पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) को 9 मंत्री पद मिले हैं। महायुति सरकार में चार महिलाओं को भी मंत्री बनाया गया है।
37 मंत्रियों ने मां के नाम के शपथ ली
समारोह की एक खास बात ये रही कि जब फडणवीस ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, तब उन्होंने अपनी मां सरिता और पिता गंगाधर राव दोनों का नाम अपने नाम के साथ जोड़ा था। मंत्रिमंडल के विस्तार में अपनी मां के नाम को जोड़ने की शुरुआत प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने की। सबसे पहले उन्हें ही पद की शपथ दिलाई गई। उन्होंने अपना नाम चंद्रशेकर प्रभावती कृष्णराव बावनकुले लिया। इसके बाद तो सिलसिला शुरू हो गया और 37 मंत्रियों ने मां के नाम के शपथ ली।
राज्यपाल बोले, इस तरह का पहला अनुभव: राज्यपाल सीपी राधाकृष्ण ने कहा कि उनके लिए भी इस तरह का यह पहला अनुभव था। मां को पहला गुरु कहा जाता है। मां ही धर्म से लेकर कर्म की शिक्षा देती है। वह हमें सक्षम बनाती है।
पश्चिम महाराष्ट्र से सबसे अधिक 10 मंत्री
महाराष्ट्र की दूसरी राजधानी नागपुर के राजभवन में 33 साल बाद पहली बार आयोजित समारोह में 33 कैबिनेट और 6 राज्य मंत्रियों को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। इससे पहले, 1991 में सुधाकरराव नाइक सरकार का कैबिनेट विस्तार हुआ था, 1962 में संयुक्त महाराष्ट्र के गठन के बाद नागपुर में पहला शपथ ग्रहण था। पहले विस्तार में पश्चिम महाराष्ट्र से सबसे अधिक 10 मंत्री बनाए गए हैं। इसके बाद विदर्भ से 9, ठाणे-कोंकड से 8, मराठवाड़ा से 8, उत्तर महाराष्ट्र से 6 और मुंबई से केवल दो विधायकों (मंगल प्रभात लोढा और आशीष शेलार) को मंत्रिमंडल में जगह मिली है। दक्षिण मुंबई के मालाबार हिल से 7 बार विधायक मंगल प्रभात लोढ़ा ने संस्कृत में शपथ ली।
शिंदे -अजीत ने कहा-हमारे मंत्रियों का कार्यकाल ढाई-ढाई साल होगा
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजीत पवार ने कहा कि हमारेे मंत्रियों का कार्यकाल ढाई-ढाई साल के लिए होगा। दोनों ने कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार में जिन्हें जगह नहीं मिली है उन्हें आगे मौका मिलेगा। हमने तय किया है कि इस सरकार के पांच साल के कार्यकाल के दौरान हम दूसरों को भी ढाई साल का मौका देंगे, यानी कई लोगों को (कैबिनेट) मंत्री और राज्य मंत्री बनने का मौका मिलेगा।
दिग्गज किनारे, नए शामिल
मंत्रिमंडल विस्तार में जहां छगन भुजबल, सुधीर मुनगंटीवार, विजय कुमार गावित समेत कई दिग्गज नेताओं को किनारे कर दिया गया। वहीं, बीते पांच साल से हाशिए पर रहीं पंकजा मुंडे और गणेश नाईक को शामिल किया गया है। इस बार पंकजा मुंडे और धनंजय मुंडे दोनों भाई-बहन मंत्री बने हैं। छत्रपति शिवाजी महाराज के वंशज शिवेंद्रराजे भोसले को पहली बार मंत्री बनने का मौका मिला है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले को फिर से मंत्री बनाया गया है। नितेश राणे भी मंत्री बने हैं।
इन मंत्रियों को दिलाई गई शपथ
भाजपा : चंद्रशेखर बावनकुले, राधाकृष्ण विखे पाटिल, चंद्रकांत पाटिल, गिरीश महाजन, गणेश नाईक, मंगल प्रभात लोढा, जयकुमार रावल, पंकजा मुंडे, अतुल सावे, अशोक उईके, आशिष शेलार, शिवेंद्रराजे भोसले, जयकुमार गोरे, संजय सावकारे भाजपा, नितेश राणे और आकाश फुंडकर।
राज्यमंत्री- पंकज भोयर, माधुरी मिसाल, मेघना बोर्डिकर।
एनसीपी-
हसन मुश्रिफ, धनंजय मुंडे, नरहरी झिरवाल, दत्तात्रय भरणे, अदिति तटकरे, माणिकराव कोकाटे, मकरंद पाटिल, बाबासाहेब पाटिल और इंद्रनील नाईक (राज्यमंत्री)।
शिवसेना-
गुलाब राव पाटिल, दादा भुसे, संजय राठौड, उदय सामंत, संभुराज देसाई, संजय शिरसाट, प्रताप सरनाईक, भरत गोगावले, योगेश कदम के अलावा आशिष जैस्वाल और प्रकाश आबिटकर (राज्यमंत्री)।