पात्रा चॉल घोटाले को लेकर भाजपा लगातार अपने विरोधियों पर हमलावर है। इस मामले में शिवसेना नेता संजय राउत पहले ही जेल में हैं। वहीं, मंगलवार को भाजपा ने मुंबई में विवादास्पद पात्रा चॉल पुनर्विकास परियोजना के सिलसिले में राकांपा अध्यक्ष शरद पवार के खिलाफ भी जांच की मांग की है। वहीं, दूसरी ओर राकांपा ने भाजपा के इन आरोपों को निराधार बताते हुए माफी मांगने को कहा है।
भाजपा नेता ने शरद पवार पर लगाया आरोप
दरअसल, मंगलवार को भाजपा नेता अतुल भाटखलकर ने शरद पवार पर आरोप लगाते हुए महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस को एक पत्र लिख कर पात्रा चॉल मामले में उनके खिलाफ जांच की मांग की। इस पत्र में उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दायर आरोप पत्र का हवाला भी दिया।
इस पत्र में उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय ने आवास विभाग के पूर्व सचिव का संदर्भ दिया है। उन्होंने कहा कि ईडी की चार्जशीट में कहा गया है कि तत्कालीन केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार ने तत्कालीन मुख्यमंत्री के साथ मुंबई में एक बैठक की थी। शिवसेना नेता संजय राउत भी वहां मौजूद थे, जहां निर्णय लिया गया था। गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन कंपनी को पुनर्विकास कार्य आवंटित करने के लिए लिया गया था।
ईडी के अनुसार, मुंबई के उपनगरीय गोरेगांव में एक विशाल मकान पात्रा चॉल के किरायेदारों को पुनर्विकास के बाद फ्लैट मिलना था, लेकिन फ्लैटों का निर्माण कभी नहीं किया गया।
राकांपा ने दी प्रतिक्रिया
भाजपा नेता के आरोपों पर राकांपा के प्रवक्ता महेश तापसे ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि शरद पवार के खिलाफ झूठे और निराधार आरोप लगाए गए हैं। भाजपा नेता भटकलकर पर हमलावर होते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे निराधार आरोप लगाने के लिए सार्वजनिक रूप से भटकलकर को शरद पवार से माफी मांगनी चाहिए। इस दौरान राकांपा प्रवक्ता ने भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों से निपटने में फेल हो गई है और इस तरह विपक्षी नेताओं पर आरोप लगाकर जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।
ईडी ने दाखिल की चार्जशीट
दरअसल, पात्रा चॉल घोटाला मामले में बीते हफ्ते ईडी ने चार्जशीट दाखिल की है। इसमें जांच एजेंसी ने एक गवाह का हवाला दिया है। गवाह के मुताबिक, 2008-09 में इलाके के निवासियों ने चॉल के पुनर्विकास के लिए स्थानीय राजनेताओं के माध्यम से शरद पवार से संपर्क किया था। इसके बाद कई बैठकें होने के बाद संजय राउत और मामले में सह-आरोपी प्रवीण राउत, एचडीआईएल (हाउसिंग डेवलपमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड) के राकेश वधावन के साथ परियोजना को संभालने के लिए कहा गया था। गवाह ने यह भी बताया कि गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन के निदेशक प्रवीण राउत, संजय राउत के प्रतिनिधि थे।