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महाराष्ट्र की अगली सरकार में ढाई-ढाई साल भाजपा-शिवसेना का मुख्यमंत्री

Tue, 11 Jun 2019 07:39 PM IST
गौरव द्विवेदी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
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उद्धव ठाकरे, अमित शाह (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया
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महाराष्ट्र में भाजपा-शिवसेना का भाईचारा गहरा हो रहा है। सितंबर-अक्टूबर में विधानसभा चुनाव हैं और दोनों के बराबर सीटों पर मिलकर लड़ने की खबर पहले ही थी। अब शिवसेना की शाखा युवासेना के सचिव वरुण सरदेसाई ने ट्विटर पर दावा किया है कि अगली सरकार भाजपा-शिवसेना की बनी तो राज्य में ढाई-ढाई साल दोनों का मुख्यमंत्री रहेगा। 

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सरदेसाई ने चौंकाने वाले ट्वीट में लिखा कि शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद को लेकर फैसला हुआ है। जो इस समझौते के दौरान मौजूद नहीं थे, उन्हें बीच में कुछ कहकर बात नहीं बिगाड़नी चाहिए। हालांकि इस ट्वीट पर शिवसेना या भाजपा की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई लेकिन राज्य की राजनीति में सुगबुगाहट शुरू हो गई है।

मुख्यमंत्री पद को लेकर शिवसेना हमेशा आक्रामक रही है। लोकसभा चुनाव से पहले चर्चाएं थी कि शिवसेना ने काफी हिसाब-किताब के बाद ही भाजपा के साथ मिलकर चलने का फैसला किया है। यह भी बातें होती रहीं कि दोनों मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ेंगी और जिसकी ज्यादा सीटें हुई, उसका मुख्यमंत्री होगा। मगर पिछले कुछ समय से बंद दरवाजों में दोनों दलों के वरिष्ठ नेता मिलकर यह फार्मूला निकालने में लगे हैं कि कैसे मिलकर मुख्यमंत्री पद समय-समय पर अपने पास रखेंगे। 
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राज्य में शिवसेना के अभी तक दो मुख्यमंत्री हुए हैं। भाजपा-शिवसेना की गठबंधन सरकार में शिवसेना के मनोहर जोशी मार्च 1995 से जनवरी 1999 तक मुख्यमंत्री थे। उनके बाद नारायण राणे फरवरी 1999 से अक्टूबर 1999 तक मुख्यमंत्री रहे। देवेंद्र फडणवीस राज्य में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री हैं।

क्या आदित्य ठाकरे होंगे शिवसेना के दावेदार?

उद्धव ठाकरे के पुत्र आदित्य के विधानसभा चुनाव लड़ने की चर्चाएं हैं। आदित्य मुंबई के वर्ली या माहिम इलाके से चुनाव लड़ सकते हैं। ऐसा हुआ तो सबकी नजरें इस पर रहेंगी कि क्या वह शिवसेना की ओर से मुख्यमंत्री पद के दावेदार होंगे। जूनियर ठाकरे ने मंगलवार को युवा सेना के पदाधिकारियों की बैठक ली और मुंबई की समस्याओं को ध्यान केंद्रित करने को कहा। मीडिया ने जब उनसे चुनाव लड़ने को लेकर सवाल किया तो आदित्य ने कहा कि इसका फैसला उद्धव ठाकरे करेंगे।

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