चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनावों के चलते देश में राजनीतिक हलचल पहले ही चरम पर है। दूसरी ओर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और एनसीपी (राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी) के प्रमुख शरद पवार के बीच बीते दिनों हुई कथित बैठक ने महाराष्ट्र में भी सियासी पारा बढ़ा दिया है।
महाराष्ट्र भाजपा प्रमुख चंद्रकांत पाटिल ने इसे लेकर कहा, 'इस स्तर पर ऐसी बैठकें होती हैं। यह हमारे देश की संस्कृति है, हमें राजनीति से परे होकर मिलना चाहिए। एक बैठक का मतलब केवल राजनीतिक चर्चा नहीं होता है। अमित शाह देश के गृह मंत्री हैं और शरद पवार उनसे कुछ काम से मिले होंगे।'
चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह जो भी फैसला लेंगे वह पार्टी को मंजूर होगा। वहीं पाटिल की इस बात पर एनसीपी और शिवसेना का कहना है कि भाजपा राज्य में स्थिति बिगाड़ने के लिए फर्जी बयानबाजी कर रही है और भ्रम फैला रही है।
खास बात यह है कि एनसीपी के वरिष्ठ नेता नवाब मलिक ने बैठक की खबरों को ही खारिज कर चुके हैं। दूसरी ओर कांग्रेस नेताओं ने सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस का कहना है कि अगर गृह मंत्री देश के किसी बड़े नेता से मिल रहे हैं, तो ये देश को बताना चाहिए। यह जानना देश की जनता का हक है।
उधर, शिवसेना सांसद और वरिष्ठ नेता संजय राउत ने भी शाह और पवार की मुलाकात की खबरों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के बीच कोई मुलाकात नहीं हुई और अफवाहों पर विराम लगाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि केवल बेतुकी बातें फैलाने से कुछ भी हाथ नहीं लगने वाला है।