जो प्रवासी निजी वाहन से जाना चाहते हैं उन्हें भी वाहन और ड्राइवर से जुड़ी सारी जानकारी देनी होगी। उन्हें भी गांव जाने की अनुमति दी जाएगी। वहीं, मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी एके जैन ने बताया कि जिलाधिकारी अपने इलाके के प्रवासियों की सूची तैयार कर रेलवे बोर्ड से सीधे संपर्क कर रहे हैं।
रेलवे बोर्ड वहां के जिलाधिकारी से संपर्क करता है और मंजूरी मिलने के बाद विशेष रेलगाड़ी दोनों जिलों के बीच चलाई जा रही है। जैन ने बताया कि जिलाधिकारी ही एक साथ टिकटों की बुकिंग करते हैं। जिला प्रशासन जिन लोगों को टिकट देता है उन्हें ही ट्रेन में दाखिल होने दिया जाता है। 72 शायिका वाले एक डिब्बे में सुरक्षित दूरी को ध्यान में रखते हुए 52 सीटें ही बुक की जा रहीं हैं। बीच वाली सीटें खाली रखीं जा रहीं हैं।
- बाहरी आधार कार्ड पर ही अनुमति
मुंबई के प्रवासी मजदूरों, शहर में फंसे पर्यटकों और विद्यार्थियों को ही बाहर जाने की इजाजत दी जा रही है। मुंबई शहर के प्रभारी मंत्री असलम शेख ने बताया कि जिन लोगों के पास मुंबई में स्थायी निवास है और उनके पास यहां का आधार कार्ड है वे विशेष ट्रेनों से नहीं जा सकेंगे। विशेष ट्रेन से अपने गांव जाने के लिए वहां का आधार कार्ड व अन्य परिचय पत्र होना चाहिए।