महाराष्ट्र में आयकर विभाग द्वारा भेजे गए नोटिस का एक अजीबो गरीब मामला सामने आया है। ठाणे के कल्याण में रहने वाले मजदूर भाऊसाहब अहिरे को आयकर विभाग की ओर से एक करोड़ पांच हजार का नोटिस भेजा गया है। जबकि उनकी रोज की आय 300 रुपये ही है।
अहिरे परिवार के साथ कल्याण में एक झुग्गी में रहते है। विभाग द्वारा यह नोटिस उनके बैंक खाते में जमा धनराशि के आधार पर भेजा गया है। अहिरे ने इस संबंध में पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज करवाया है।
आयकर विभाग के मुताबिक, नवंबर 2016 में नोटबंद के दौरान अहिरे के खाते में 58 लाख रुपये जमा किए गए थे। अहिरे मूल रूप से उस्मानाबाद जिले के रहने वाले हैं। अहिरे ने बताया कि उन्हें पिछले साल पांच सितंबर को एक निजी बैंक खाते में 58 लाख रुपये जमा करवाने पर स्पष्टीकरण मांगने के लिए विभाग से नोटिस मिला था।
अहिरे बताया कि वह पढ़े-लिखे नहीं है और इसलिए उन्होंने पड़ोसियों को इस बारे में बताया और उनके समझने पर उन्होंने आयकर विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया। जहां से उन्हें बैंक से संपर्क करने की सलाह दी गई थी। अहिरे ने बताया कि बैंक ने उन्हें जानकारी दी कि उनके पैन कार्ड और वोटर आईडी कार्ड से एक फर्जी अकाउंट खोला गया और उसमें पैसे जमा करवाए गए।
अहिरे ने दावा किया कि जालसाजों ने उनके फर्जी हस्ताक्षर का प्रयोग करके खाता खोला है और पैन कार्ड की कॉपी लगा ली। साथ ही उसमें फोटो भी अलग है। इसके बाद आयकर विभाग द्वारा एक बार सात दिसंबर को नोटिस भेजा गया, जिसमें 2017-18 में अर्जित आय के लिए एक करोड़ पांच हजार रुपये का कर चुकाने के लिए कहा गया।
आयकर विभाग ने साथ ही कहा कि अगर कर नहीं चुकाया गया तो विभाग 30 दिनों में वसूली करेगा। अहिरे का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में कभी एक लाख रुपये भी नहीं देखे, वह कैसे इतने पैसों को चुकाएंगे।
अहिरे ने इस बार पुलिस से संपर्क किया और धोखेबाजों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। अहिरे की शिकायत पर पुलिस मामले की जांच कर रही है।