मुंबई की दूसरी जीवनरेखा कही जाने वाली बेस्ट उपक्रम की बसों का परिचालन ड्राइवर को परिचालकों के चलते मुश्किल हो गया है। अनलॉक-1 घोषित होने के बाद बेस्ट की लाल बसें लड़को पर दौड़ने लगी हैं। लेकिन कर्मचारियों की कमीं के चलते बसों के परिचालन में दिक्कतें आ रही हैं। इसके कारण बेस्ट उपक्रम ने गैरहाजिर रहने वाले 600 कर्मचारियों को नोटिस जारी किया है।
बेस्ट उपक्रम के प्रवक्ता हनुमंत गुफने ने बताया कि मुंबई में लॉकडाउन के पहले प्रतिदिन 2800 बसें सड़को पर दौड़ती थी। जबकि लॉकडाऊन के समय अत्यावश्यक सेवाओं के लिए 1689 बसें चलाई जा रही थी। बीते सोमवार से आम लोगों के लिए भी बेस्ट की बसें चलाई जा रही हैं। लेकिन चालकों के अभाव में अब तक करीब ढाई हजार बसें ही चलाई जा सकी हैं।
फिलहाल, मुंबई में लोगों के आने जाने के लिए बेस्ट की बसे ही एकमात्र सार्वजनिक परिवहन के साधन हैं। इसलिए प्रतिदिन यात्रियों की संख्या बढ़ रही है। सोमवार को पहले दिन जहां 4 लाख यात्रियों ने बेस्ट की बसों से यात्रा की।
वहीं बुधवार को पौने पांच लाख और गुरुवार को सवा पांच लाख से ज्यादा यात्रियों ने बेस्ट की बसों में सफर किया। जिस हिसाब से प्रतिदिन यात्री बढ़ रहे हैं उसके अनुसार चालकों की कमीं है। इसलिए कर्मचारियों को नोटिस जारी किया गया है। इसको लेकर बेस्ट कामगार कृति समिति के नेताओं ने असंतोष जाहिर किया है।
अब तक 418 बेस्टकर्मी हुए कोरोना संक्रमित
बेस्ट उपक्रम में अब तक 418 कर्मचारी कोरोना संक्रमित हो चुके हैं जिसमें से 267 कर्मचारी स्वस्थ भी हो चुके हैं। अधिकांश कर्मचारी मुंबई के बाहरी इलाकों में रहते हैं। कोरोना संक्रमण के चलते जारी लॉकडाउन में काफी कर्मचारी गांव चल दिए हैं।
वहीं, मुंबई में बेस्ट कर्मचारियों में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलो को देखते हुए अनेक कालोनियों को क्वारंटीन किया जा चुका है। कोरोना संक्रमण में बढ़ती मौत के घटनाओं से भी कर्मचारियों में भय का वातावरण हैं इसलिए कर्मचारी ड्यूटी पर आने से भी कतरा रहे हैं।