महाराष्ट्र के कल्याण जिले में एक मराठी परिवार पर हमले के मामले में पुलिस ने कुल 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। खड़कपाड़ा पुलिस ने शनिवार को मुख्य आरोपी अखिलेश शुक्ला और उनकी पत्नी गीता शुक्ला समेत सभी छह आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेश किया, जहां उन्हें छह दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
बता दें कि यह घटना 18 दिसंबर को कल्याण पश्चिम स्थित अजमेरा सोसायटी में हुई, जहां पड़ोसियों के बीच धूपबत्ती जलाने को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि अखिलेश शुक्ला और उनके साथियों ने पीड़ित परिवार के सदस्यों, जिनमें धीरज देशमुख, उनकी पत्नी, उनके भाई अभिजीत और लता कल्विकटे शामिल थे, पर हमला किया। इस घटना का एक वीडियो वायरल हुआ था।
चार और आरोपियों की तालाश
जानकारी के अनुसार पुलिस ने अखिलेश शुक्ला, सुमित जाधव और रंगा उर्फ दर्शन बोराडे को शुक्रवार शाम गिरफ्तार किया गया। वहीं गीता शुक्ला, पार्थ जाधव और विजय जाधव को शुक्रवार रात गिरफ्तार किया गया। इसके साथ ही पुलिस ने मामले में चार और आरोपियों की तलाश के लिए चार टीमें बनाई हैं।
पीड़ितों के वकील हरीश सरोदे ने बताया कि अदालत ने गिरफ्तार आरोपियों को छह दिन की पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि आरोपियों पर अब साजिश, हमला और खतरनाक हथियारों के इस्तेमाल जैसे आरोप जोड़े जा रहे हैं।
आरोपी का वकील का तर्क
वहीं इस मामले में आरोपी के वकील अनिल पांडे ने इस मामले को मराठी बनाम बाहरी लोग के रूप में पेश किए जाने की आलोचना की। उन्होंने कहा यह सिर्फ पड़ोसियों के बीच एक सामान्य विवाद था। इसमें कोई क्षेत्रीय पहलू नहीं है। कुछ राजनेताओं और पुलिस ने इसे गलत तरीके से मराठी बनाम गैर-मराठी मुद्दा बनाने की कोशिश की है।
अखिलेश शुक्ला पर लगा जुर्माना
इस बीच, परिवहन अधिकारियों ने अखिलेश शुक्ला की निजी कार को एम्बर बत्ती का अवैध रूप से उपयोग करने के कारण जब्त कर लिया। उप क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी आशुतोष बरकुल ने कहा कि शुक्ला पर 9,500 रुपये का जुर्माना लगाया गया क्योंकि उनकी कार का बीमा और प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसी) वैध नहीं था। उनके वाहन पर महाराष्ट्र सरकार की एक प्लेट भी लगी थी।