महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष नाना पटोले
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महाराष्ट्र विधानमंडल के शीतकालीन सत्र में विधायकों द्वारा उठाए गए प्रासंगिक मुद्दों पर कोई जवाब न देने पर विधानसभा अध्यक्ष नाना पटोले ने मुख्य सचिव अजॉय मेहता को विशेषाधिकार हनन का नोटिस जारी किया है। पटोले ने मुख्य सचिव को सदन में उपस्थित होकर माफी मांगने को कहा है। हालांकि इस मामले में उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के माफी मांगने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदन में उपस्थित होकर माफी मांगने का आदेश वापस ले लिया।
मुख्य सचिव के खिलाफ विशेषाधिकार हनन के मुद्दे पर विधानसभा अध्यक्ष के आदेश पर विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि वह विधायकों के अधिकारों को लेकर अध्यक्ष की भावना को समझते हैं। किन्तु जब उपमुख्यमंत्री ने माफी मांग ली है तो मामले को तूल नहीं देना चाहिए। इस पर नाना पटोले ने कहा कि शीतकालीन सत्र बीते दिसंबर में हुआ था। इस सत्र में 83 मामले उठाए गए थे, लेकिन प्रशासन ने केवल चार पर प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि मैं विधायकों के अधिकारों की रक्षा के लिए अपनी पूरी ताकत का इस्तेमाल करूंगा। पटोले ने कहा कि तहसीलदार और कनिष्ठ पुलिस अधिकारी विधायकों का सम्मान नहीं करते। उनके पत्रों को कूड़ेदान में फेंक देते हैं। प्रश्नकाल के बाद प्रासंगिकता के बिंदु के तहत विधायक अपने विधानसभा क्षेत्र से जुड़े मुद्दे उठाते हैं। इस प्रशासन को एक महीने के भीतर प्रतिक्रिया देनी चाहिए।