भाजपा-शिवसेना के बीच महाराष्ट्र चुनाव में मिलकर लड़ने के अंतिम दौर में पांच फार्मूले सामने हैं, मगर एक पर भी सहमति नहीं बन पा रही है। भाजपा को देश और राज्य में अपनी बढ़ी हुई शक्ति का अहसास है, वहीं शिवसेना का कहना है कि उसे लोकसभा के वक्त विधानसभा चुनाव के लिए किए गए 50-50 बंटवारे के वादे को निभाना चाहिए। सूत्रों का कहना है कि फार्मूले के साथ 10 ऐसी सीटें भी हैं जिन पर दोनों ही अपना दावा छोड़ना नहीं चाहते।
सोमवार को देर रात मुख्यमंत्री निवास पर दोनों दलों के नेताओं के बीच साढे़ तीन घंटे की बातचीत के बाद भी कोई नतीजा नहीं निकला और मंगलवार को दिन में दोनों दलों के नेता आपसी विचार करते रहे। सूत्र बताते हैं कि भाजपा-शिवसेना पांच फार्मूलों पर बात कर चुकी हैं। सूत्रों के अनुसार भाजपा बिग ब्रदर की भूमिका में है और वह 170-118 फार्मूले पर ही राजी है। मगर शिवसेना को यह मंजूर नहीं। वह 50-50 पर अड़ी है।
उसका कहना है कि भाजपा को अपना लोकसभा चुनाव के समय किया वादा पूरा करना चाहिए। अगर वह ऐसा नहीं करती तो उसे आत्म निरीक्षण करने की जरूरत है। उधर भाजपा सूत्रों का कहना है कि 26 सितंबर को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह मुंबई जाएंगे और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से मिलकर निर्णायक बात करेंगे। भाजपा के रणनीतिकारों का मानना है कि शिवसेना अकेले लड़ी तो 70-75 से ज्यादा सीटों पर नहीं जीत पाएगी, जबकि भाजपा अकेले लड़कर 200 के पार जा सकती है।
ये हैं पांच फार्मूले
भाजपा-शिवसेना 135-135, साथी दल-18। 2. भाजपा 170, शिवसेना 118, साथी दल भाजपा के कोटे से। 3. भाजपा 162, शिवसेना-126, साथी दल भाजपा के कोटे से। 4. भाजपा 150, शिवसेना-120, साथी दल-18। 5. भाजपा-145, शिवसेना-125, साथी दल-18