महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के नतीजों में एक बार फिर सियासी परिवारों का दबदबा देखने को मिला है। इनमें ठाकरे और राणे परिवार प्रमुख रूप से थे। इन परिवारों ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में अपनी राजनीतिक पकड़ को मजबूत रखी है।
शिवसेना के उम्मीदवार निलेश राणे और उनके भाई नितेश राणे (भाजपा विधायक), राज्य मंत्री उदय सामंत और उनके भाई किरण सामंत (शिवसेना के नेता) ने सिंदुदुर्ग और रत्नागिरी के तटीय इलाकों में जीत हासिल की। वहीं, ठाकरे परिवार ने मुंबई में भी कामयाबी हासिल की।
सिंधुदुर्ग जिले में राणे भाइयों की जीत
नितेश राणे ने सिंधुदुर्ग जिले के कंकवली सीट पर अपनी जीत को बरकरार रखा, जबकि उनके बड़े भाई निलेश राणे ने पड़ोसी कुदाल विधानसभा सीट पर बड़ी जीत हासिल की। निलेश राणे ने शिवसेना (यूबीटी) के मौजूदा विधायक वैभव नाइक को 8,176 मतों से हराया और कुल 81,659 वोट हासिल किए। जबकि नितेश राणे ने कंकवली सीट पर शिवसना (यूबीटी) के उम्मीदवार संदीप पारकर को 58,007 मतों से हराया। नितेश को 1,08,369 वोट मिले, जबकि पारकर को 50,362 वोट मिले। राणे परिवार के सदस्य और पूर्व केंद्रीय मंत्री नारायण राणे ने भी इस साल लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज की, जिससे परिवार की राजनीकि पकड़ मजबूत रही।
रत्नागिरी में सामंत परिवार विजयी
रत्नागिरी जिले में शिवसेना के टिकट पर उषा सामंत ने रत्नागिरी और उनके भाई किरण सामंत ने राजापुर सीट पर जीत हासिल की। यह किरण सामंत की राजनीतिक शुरुआत है। उषा सामंत ने 1,11,335 वोट हासिल किए। जबकि किरण सामंत ने 80,256 वोट हासिल किए और शिवसेना (यूबीटी) के विधायक राजन साल्वी को 19,677 मतों से हराया।
छत्रपति संभाजी नगर में शिवसेना उम्मीदवार ने पति को हराया
मराठवाडा क्षेत्र के छत्रपति संभाजीनगर जिले में शिवसेना की संजना जाधव ने अपने अलग रह रहे पति और निर्दलीय उम्मीदवार हर्षवर्धन जाधव को 18,201 मतों से हराया। संजना को 84,492 वोट मिले, जबकि हर्षवर्धन को 66,291 वोट मिले।
मुंबई में ठाकरे परिवार का दबदबा
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे ने मुंबई की वर्ली सीट पर जीत हासिल की और शिवसेना के मिलिंद देवड़ा को 8,801 मतों से हराया। आदित्य को 63,324 वोट मिले। जबकि देवड़ा को 54,523 वोट मिले। आदित्य के चचेरे भाई और शिवसेना (यूबीटी) के उम्मीदवार वरुण सरदेसाई ने मुंबई की बांद्रा पूर्व सीट पर राकांपा के जीशान सिद्दीकी को 57,708 मतों से हराया। सिद्दिकी के पिता बाबा सिद्दीकी की हत्या के बाद यहां चुनाव हुआ था।
अन्य महत्वपूर्ण मुकाबले
लातूर में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विलासराव देशमुख के बेटे धीरज देशमुख को भाजपा से हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, उनके बड़े भाई अमित देशमुख ने लातूर सीट पर भाजपा की उम्मीदवार अर्चना पाटिल को कड़ी टक्कर दी। भोकर विधानसभा सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण की बेटी श्रेजया चव्हाण ने 50,551 मतों के अंतर से जीत दर्ज की।
कुल मिलाकर चुनाव परिणाम
महायुति (भाजपा, एकनाथ शिंदे की शिवसेना, अजित पंवार की राकांपा का गठबंधन) ने 288 सीटों में से 219 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि महाविकास अघाड़ी (कांग्रेस, शरद पवार की राकांपा और उद्धव ठाकरे की शिवसेना का गठबंधन) को केवल 42 सीटें मिलीं। मतगणना अभी जारी है।
संबंधित वीडियो-