महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भाजपा और शिवसेना के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर फंसे पेच को सुलझाने के लिए जल्द ही दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व के बीच बातचीत हो सकती है। शिवसेना महाराष्ट्र में आसन्न विधानसभा चुनाव में उतनी ही सीट पर लड़ना चाहती है जितनी पर भाजपा अपने प्रत्याशी उतारेगी। वहीं, भाजपा शिवसेना को बराबर संख्या में सीट नहीं देना चाहती है ।
वहीं, राजग में सहयोगी आरपीआई (ए) ने भी 10 सीटों की मांग की है। महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ राजग के घटक आरपीआई (ए) के अध्यक्ष रामदास अठावले ने सहयोगी शिवसेना को 120 से 125 सीटों का फार्मूले स्वीकार करने का सुझाव दिया। उन्होंने जोर दिया कि पिछले विधानसभा चुनाव की तरह कुछ सीटों को लेकर गठबंधन को भेंट नहीं चढ़ाया जाना चाहिए।
अठावले ने से कहा, ‘महाराष्ट्र चुनाव में आरपीआई को कम से कम 10 सीटें मिलनी चाहिए और शीघ्र ही सीटों का बंटवारा भी हो जाना चाहिए । ऐसा अनुरोध मैंने भाजपा के उच्च स्तरीय नेतृत्व से हुई वार्ता में किया है।’ उन्होंने दावा किया कि यदि शीघ्र सीटों का बंटवारा हो जाएगा तो भाजपा-शिवसेना-आरपीआई सहित गठबंधन को 240 सीटें पर विजय मिलना निश्चित है।
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की तारीखें आने से पहले ही एनसीपी ने राज्य में उम्मीदवारों की घोषणा शुरू कर दी है। अपने राज्यव्यापी दौरे के दूसरे दिन पार्टी अध्यक्ष शरद पवार ने बुधवार को बीड जिले के लिए पांच उम्मीदवारों के नाम घोषित किए। इन पांचों सीटों पर फिलहाल भाजपा-शिवसेना के विधायक हैं। पवार ने कहा कि जिले की एक अन्य सीट आष्टी के उम्मीदवार का नाम बाद में घोषित किया जाएगा।
गौरतलब है कि राज्य में विपक्ष के प्रमुख गठबंधन कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेसी पार्टी ने सीटों के तालमेल को अंतिम रूप दे दिया है। राकांपा के प्रमुख शरद पवार ने कुछ ही दिन पहले कहा था कि कांग्रेस और राकांपा प्रदेश में 125-125 सीटों पर चुनाव लड़ेगी और 38 सीटें छोटी सहयोगी दलों के लिये छोड़ी जाएंगी।