महाराष्ट्र में इस महीने विधानसभा चुनाव होने वाला है। इस चुनाव से पहले केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने मुंबई में माहिम विधानसभा क्षेत्र को लेकर सत्तारूढ़ महायुति में विवाद की खबरों का खंडन किया। इस सीट पर शिवसेना उम्मीदवार सदा सरवनकर का सामना महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) नेता अमित ठाकरे से होने वाला है। रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया-अठावले (आरपीआई-ए) प्रमुख ने तीन बार के मौजूदा विधायक सरवनकर को अमित ठाकरे से मजबूत उम्मीदवार बताया है। बता दें कि अमित ठाकरे मनसे प्रमुख राज ठाकरे के बेटे हैं।
अमित ठाकरे का पहला चुनाव
आरपीआई(ए) महायुति महायुति की सहयोगी पार्टी है, जिसमें भाजपा, राकांपा और शिवसेना भी शामिल हैं। राज ठाकरे के बेटे अमित ठाकरे का यह पहला चुनाव है, जबकि सरवनकर माहिम सीट से फिर से चुनाव लड़ रहे हैं। शिवसेना नेता ने आश्वासन दिया कि वह चुनाव से पीछे नहीं हटेंगे। भाजपा ने मनसे उम्मीदवार का समर्थन करने की इच्छा व्यक्त की है।
मीडिया से बात करते हुए रामदास अठावले ने कहा, "माहिम निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत बाबासाहेब अम्बेडकर स्मारक और इंदु मिल आता है। मुझे नहीं लगता कि सरवनकर पर दबाव डालना ठीक होगा। वे वहां के मौजूदा विधायक और अमित ठाकरे से ज्यादा मजबूत उम्मीदवार हैं।" मनसे उम्मीदवार के प्रति भाजपा के समर्थन पर टिप्पणी करने से उन्होंने इनकार कर दिया। आरपीआई(ए) प्रमुख ने कहा, "सरवनकर महायुति के आधिकारिक उम्मीदवार थे। अमित ठाकरे ने अभी तक इस क्षेत्र के लिए कुछ भी नहीं किया। उनकी एकमात्र योग्यता है कि वे राज ठाकरे के बेटे हैं। उन्होंने अभी-अभी राजनीति में कदम रखा है, उन्हें भविष्य में और आगे तक जाना है।"
विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में बागी उम्मीदवारों द्वारा गठबंधन को नुकसान पहुंचाने की संभावना पर केंद्रीय मंत्री ने कहा, "जब भी बागी चुनाव लड़ते हैं तो दुख होता है। इसका असर हरियाणा में कांग्रेस पर पड़ा। मुझे लगता है कि कल 99 फीसदी विद्रोही पीछे हट जाएंगे। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अन्य नेता इन उम्मीदवारों से मुलाकात कर रहे हैं।"
महाराष्ट्र में दो चरणों में चुनाव
288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा के लिए चुनाव 20 नवंबर को एक ही चरण में होंगे, जबकि विधानसभा चुनाव के मतों की गिनती 23 नवंबर को होगी। वहीं मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना, भाजपा और अजीत पवार की एनसीपी से मिलकर बनी महायुति सत्ता बरकरार रखने की कोशिश कर रही है, जबकि शिवसेना (यूबीटी), एनसीपी (एसपी) और कांग्रेस की विपक्षी महा विकास अघाड़ी (एमवीए) इसे सत्ता से बेदखल करने के प्रयास में है।
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