महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार के दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर पलटवार किया। उन्होंने सभी नेताओं से राहुल गांधी को गंभीरता से न लेने की अपील की। दरअसल, हाल ही में कांग्रेस नेता ने पीएम मोदी की तुलना अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन से की थी। उन्होंने कहा था कि पीएम मोदी भी राष्ट्रपति बाइडन की तरह भूलने की बीमारी से पीड़ित हैं। नागपुर में प्रचार के दौरान भाजपा नेता नितिन गडकरी ने कहा कि कांग्रेस नेता जिस की बाते करते हैं, कोई भी उन्हें गंभीरता से नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता 20 नवंबर को विधानसभा चुनाव में एक बार फिर महायुति सरकार पर भरोसा जताएगी।
भाजपा नेता नितिन गडकरी ने कहा, "जिस तरह से राहुल गांधी बोलते हैं, उन्हें कोई भी गंभीरता से नहीं लेता है। मुझे लगता है कि लोगों को उनकी टिप्पणियों को भी गंभीरता से नहीं लेना चाहिए। राहुल गांधी ने हाल ही में पीएम मोदी की तुलना अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन से की थी। उन्होंने कहा था कि पीएम मोदी भी राष्ट्रपति बाइडन की तरह भूलने की बीमारी से पीड़ित हैं।"
लोकसभा चुनाव में मतदाताओं को किया गया भ्रमित: गडकरी
लोकसभा चुनाव में महायुति सरकार को किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा, इसे लेकर सवाल किए जाने पर नितिन गडकरी ने कहा, "लोकसभा चुनाव के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं को भ्रमित किया गया था। एक कहानी बनाई गई थी कि अगर हम 400 से अधिक सीटें जीतेंगे तो बाबासाहेब अम्बेडकर द्वारा तैयार किए गए संविधान में संशोधन करेंगे।" उन्होंने आगे कहा, "संविधान को बदलने का कोई सवाल ही नहीं है। हम न तो ऐसा कभी करेंगे और न ही किसी को करने देंगे।"
केंद्रीय मंत्री ने कहा, "अब लोगों को मालूम चल गया कि लोकसभा तुनाव के दौरान विपक्ष का अभियान झूठ पर आधारित था। अब उन्होंने पीएम मोदी के नेतृत्व में महाराष्ट्र में महायुति को सकारात्मकता के साथ समर्थन देने का फैसला किया है।" बंटेंगे तो कटेंगे नारे पर प्रतिक्रिया देते हुए नितिन गडकरी ने कहा, "हम विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ रहे हैं। हम सब एक हैं। कोई मंदिर जाता है, कोई मस्जिद, गुरुद्वारा और चर्च, लेकिन हम सब भारतीय ही हैं और हमारे लिए देश ही सबकुछ है।"
बटेंगे तो कटेंगे नारे पर नितिन गडकरी ने दी प्रतिक्रिया
बता दें कि महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजीत पवार ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की 'बटेंगे तो कटेंगे' टिप्पणी पर अपना विरोध जताया था। इस पर भाजपा नेता नितिन गडकरी ने कहा, "पहली बात यह कि हम अलग पार्टी हैं और यह जरूरी नहीं कि हमारे विचार एक हो।" राहुल गांधी द्वारा जाति जनगणना का मुद्दा उठाने गडकरी ने कहा कि असली मुद्दा गांवों, गरीबों और किसानों के कल्याण का है। गरीबों की कोई जाति और धर्म नहीं होता और एक मुसलमान को भी अन्य लोगों के समान ही पेट्रोल मिलता है।
बता दें कि 288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा के लिए चुनाव 20 नवंबर को एक ही चरण में होंगे, जबकि विधानसभा चुनाव के मतों की गिनती 23 नवंबर को होगी। वहीं मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना, भाजपा और अजीत पवार की एनसीपी से मिलकर बनी महायुति सत्ता बरकरार रखने की कोशिश कर रही है, जबकि शिवसेना (यूबीटी), एनसीपी (एसपी) और कांग्रेस की विपक्षी महा विकास अघाड़ी (एमवीए) इसे सत्ता से बेदखल करने के प्रयास में है।
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