फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चुनावी मौसम में सावरकर को भारत रत्न की मांग पर सियासी बयानों की बारिश तेज

Fri, 18 Oct 2019 02:56 PM IST
अमित कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
वीर सावरकर - फोटो : SAVARKARSMARAK.COM
विज्ञापन

चुनावी मौसम में नेहरू, राजीव, गोडसे और जिन्ना के बाद अब एक और नाम इतिहास के पन्नों से उठ खड़ा हुआ है। विनायक दामोदर सावरकर। महाराष्ट्र भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में कहा कि पार्टी सावरकर के लिए भारत रत्न की मांग करेगी। बस फिर क्या था, भाजपा जहां सावरकर को राष्ट्रनायक के रूप में पेश करने में जुट गई, वहीं विपक्ष उनकी भूमिका पर सवाल खड़े करने लगा। देखते ही देखते सियासी बयानों की बारिश सी होने लगी, जो गुरुवार को भी बदस्तूर जारी रही। 

विज्ञापन


पीएम बोले, राष्ट्रनायकों को बदनाम करने की कोशिश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र के सतारा में चुनावी रैली में सावरकर का जिक्र किया। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, 'जब वीर सावरकर जैसे राष्ट्रनायकों को ये बदनाम करने का प्रयास करते हैं, तब सातारा का पारा सातवें आसमान पर चढ़ जाता है।' प्रधानमंत्री ही नहीं भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने भी महाराष्ट्र के सियासी मंच से दूर सावरकर की सराहना का मौका नहीं छोड़ा। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि वीर सावरकर नहीं होते तो 1857 का संग्राम इतिहास में दर्ज नहीं हो पाता।

जितेंद्र सिंह बोले, इंदिरा ने पत्र लिखकर की थी प्रशंसा

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने गुरुवार को इंदिरा गांधी द्वारा लिखा गया पत्र सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री ने वीर सावरकर की लिखित प्रशंसा की थी। 
 
 

दिग्विजय ने बता दिया गांधी का 'हत्यारा'

सत्ता पक्ष से जब विनायक दामोदर सावरकर की तारीफों के पुल बांधे जा रहे हों, तो कांग्रेस इसके खिलाफ मोर्चा खोलने में भी पीछे नहीं रही। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कहा सावरकर के जिंदगी के दो पहलू थे, जिसमें पहले पहलू में अंग्रेजों से माफी मांगने के बाद लौटने पर स्वाधीनता संग्राम में उनकी भागीदारी। दूसरे पहलू में, सावरकर का नाम महात्मा गांधी की हत्या के मामले में साजिश रचने वाले के तौर पर दर्ज किया गया था। कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने तंज कसा कि मोदी सरकार भारत रत्न सावरकर को नहीं, बल्कि गोडसे को दे। कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने कहा था कि भारत रत्न दिए जाने में अगला नंबर गोडसे का ही है। सावरकर के बारे में सब जानते हैं।

ओवैसी बोले, गोडसे को भी दे दें भारत रत्न 

एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी भाजपा की आलोचना करते हुए कहा कि उसे चुनावों में ही यह याद आता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि महात्मा गांधी की हत्या के एक साजिशकर्ता को भारत रत्न देने के बारे में कैसे सोचा जा सकता है।  अगर आप सावरकर को दे रहे हैं तो नाथूराम गोडसे को भी भारत रत्न दें। 

ओवैसी को जवाब देने आए साक्षी महाराज 

सावरकर को लेकर बयानबाजी में भाजपा सांसद साक्षी महाराज भी कूद गए। उन्होंने ओवैसी को जवाब देते हुए कहा कि अगर ओवैसी साहब चाहते हैं कि गोडसे को भारत रत्न देना चाहिए और उनकी गोडसे से सहानुभूति है तो लोकसभा के आने वाले सत्र में बिल लेकर आ जाएं। उस पर चर्चा हो जाएगी और फिर सरकार भी विचार कर लेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें