महाराष्ट्र में हर बीतते दिन के साथ सियासी ड्रामा बढ़ता जा रहा है। आज राज्य में नए समीकरण देखने को मिले। शाम तक राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) को राज्यपाल के पास सरकार बनाने का दावा और विधायकों के समर्थन वाला पत्र सौंपना है। इससे पहले शिवसेना एनसीपी और कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाने की कोशिश कर रही थी। लेकिन उसकी कोशिशों को झटका तब लगा जब राज्यपाल ने उसे और समय देने से मना कर दिया। इसी बीच ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल (एआईएमआई) के अध्यक्ष का शिवसेना या एनसीपी को समर्थन देने पर बयान आया है।
ओवैसी ने कहा, 'हम न तो भाजपा नेतृत्व वाली या फिर शिवसेना नेतृत्व वाली पार्टी का समर्थन करेंगे। हमरा रुख साफ है और हम इसे दोहराते हैं। मैं खुश हूं कि एनसीपी और कांग्रेस अब शिवसेना का समर्थन कर रहे हैं। लोगों को अब यह पता चलेगा कि कौन किसके वोट काट रहा है और कौन किसके साथ जा रहा है।'
हैदराबाद के सांसद से जब पूछा गया कि यदि महाराष्ट्र में एनसीपी का नेता मुख्यमंत्री बनता है तो इस स्थिति में आपकी पार्टी का क्या रुख होगा तो उन्होंने कहा, 'पहले निकाह होगा। उसके बाद सोचेंगे की बेटा होगा या बेटी होगी। अभी तो निकाह ही नहीं हुआ है। विचार करने के लिए कुछ भी नहीं है। ये सब खेल हो रहा है।'
उन्होंने आगे कहा कि भाजपा और शिवसेना के बीच कोई फर्क नहीं है। कांग्रेस भी अपना असली चेहरा दिखा रही है। बता दें कि महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव में एआईएमआई के दो विधायकों को जीत हासिल हुई है।