महाराष्ट्र पुलिस ( प्रतीकात्मक तस्वीर)
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अमरावती जिले के वरुड इलाके से एक रूह कंपकपा देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़की को अपनी ही मां और सौतेले पिता की हैवानियत का शिकार होना पड़ा। महज शक की बुनियाद पर माता-पिता ने अपनी ही बेटी के साथ वो सलूक किया, जिसे सुनकर मानवीय संवेदनाएं सुन्न पड़ जाए। हालांकि, अब पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
क्रूरता की सारी हदें पार
यह मामला वरुड के मिर्ची प्लॉट इलाके का है। पुलिस के अनुसार, पीड़िता के माता-पिता लंबे समय से उस पर शक कर रहे थे। इसी शक के चलते घर के भीतर ही उसे कैद जैसी स्थिति में रखा गया। इतना ही नहीं, बार-बार जान से मारने की धमकियां दी गईं। 21 अप्रैल 2026 को इस उत्पीड़न ने हिंसक रूप लिया। आरोपियों ने नाबालिग लड़की को बेल्ट से बुरी तरह पीटा, जिससे उसके शरीर पर गहरे जख्म बन गए। जुल्म यहीं नहीं रुका, उसकी आत्मसम्मान को चोट पहुंचाने के लिए आरोपियों ने इलेक्ट्रॉनिक ट्रिमर मशीन का इस्तेमाल कर उसके बाल पूरी तरह काट दिए।
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पुलिस और चाइल्ड वेलफेयर की दखल
जब इस अमानवीय व्यवहार की जानकारी प्रशासन तक पहुंची, तो पुलिस विभाग और चाइल्ड वेलफेयर टीम ने बिना समय गंवाए संयुक्त ऑपरेशन चलाया। टीम ने मौके पर पहुंचकर पीड़िता को सुरक्षित बाहर निकाला। बुरी तरह डरी और सहमी हुई किशोरी को तुरंत अमरावती स्थित चाइल्ड प्रोटेक्शन होम भेजा गया। अब उसकी काउंसलिंग की जा रही है।
कड़ी कानूनी धाराओं में केस दर्ज
पीड़िता के बयान के आधार पर वरुड पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कानूनी शिकंजा कस दिया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इसके अतिरिक्त, बच्चों के अधिकारों के संरक्षण के लिए बने जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की धारा 75 को भी इस मामले में जोड़ा गया है। मामले की जांच महिला सब-इंस्पेक्टर पूजा माली को सौंपी है। पुलिस ने पुष्टि की है कि दोनों आरोपियों को कल ही सलाखों के पीछे भेज दिया गया है।