फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महाराष्ट्र : अब वन क्षेत्रों के आस-पास आदिवासी बना सकते हैं अपना घर

Wed, 30 Sep 2020 05:50 AM IST
Kuldeep Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
विज्ञापन
भगत सिंह कोश्यारी
विज्ञापन

महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने मंगलवार को वन अधिकार अधिनियम, 2006 को संशोधित करते हुए एक अधिसूचना जारी की। इस अधिसूचना के तहत अब आदिवासी और अन्य पारंपरिक वनवासी वन क्षेत्र के आसपास अपना घर बना सकेंगे। 

विज्ञापन


राजभवन की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, इससे वनों में निवास करने वालों का पलायन रुकेगा और गांव का आसपास की वन भूमि पर विस्तार करते हुए उन्हें आवसीय क्षेत्र उपलब्ध कराया जा सकेगा। राज्यपाल ने यह अधिसूचना संविधान की अनुसूची 5 के अनुच्छेद 5 के उपअनुच्छेद (1) के तहत प्राप्त शक्तियों के तहत जारी की है। बयान में कहा गया है कि इससे वनों में रह रहे अनुसूचित जनजाति और अन्य पारंपरिक वनवासी परिवार वनक्षेत्रों के आसपास घर बना पायेंगे।

इस फैसले से राज्य के अधिसूचित क्षेत्रों में वनों में रहने वाले अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। बयान के अनुसार पालघर, नंदूरबार, गढ़चिरौली और अन्य जिलों के अधिसूचित क्षेत्रों के दौरे पर राज्यपाल के संज्ञान में आया था कि इन क्षेत्रों में रह रहे अनुसूचित जनजाति और अन्य वनवासी परिवार में वृद्धि के अनुरूप आवासीय क्षेत्र नहीं मिलने के कारण अपने मूल गांवों से पलायन कर रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें