एक बार फिर अभिनेता राहुल सोलापुरकर अपने बयान के चलते चर्चा में है। जहां इस बार उन्होंने डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर को लेकर टिप्पणी की, जिसके बाद अभिनेता की टिप्पणी पर बवाल मच गया। हालांकि बढ़ते विरोध को देखते हुए सोलापुरकर ने माफी मांग ली।
अभिनेता राहुल सोलापुरकर इन दिनों अपनी विवादित बयानों को लेकर चर्चा में है। जहां रविवार को अभिनेता सोलापुरकर ने डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर को ज्ञान प्राप्ति के वैदिक संदर्भ में ब्राह्मण बताया, जिससे एक नया विवाद खड़ा हो गया। बता दें कि इससे पहले उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज पर उनके पॉडकास्ट में की गई टिप्पणियों के कारण भी विरोध प्रदर्शन हो चुके थे। हालांकि उन्होंने अपने उस बयान के लिए भी माफी मांग ली थी।
विज्ञापन
सोलापुरकर ने बयान पर मांगी माफी
सोशल मीडिया पर आए एक वीडियो में अभिनेता सोलापुरकर ने कहा कि आंबेडकर का जन्म एक बहुजन परिवार में हुआ था और बाद में उन्हें उनके शिक्षक ने गोद लिया और उपनाम दिया। उन्होंने यह भी कहा कि वेदों में जो व्यक्ति ज्ञान प्राप्त करता है, वह ब्राह्मण बन जाता है, और इस संदर्भ में अंबेडकर भी ब्राह्मण थे। अभिनेता के इस बयान पर सियासत तेज हो गई, और लोग उनका जमकर विरोध करने लगे। बढ़ते विरोध को देखते हुए अभिनेता ने अपने इस बयान को लेकर भी माफी मांग ली।
विज्ञापन
एनसीपी विधायक ने की निंदा
एनसीपी विधायक जितेंद्र आव्हाड ने सोलापुरकर की टिप्पणी की निंदा करते हुए उन्हें फटकार लगाई और कहा कि ऐसे लोग जो जातिवादी विचारधारा से प्रेरित हैं, उन्होंने महाराष्ट्र और देश को नुकसान पहुंचाया है। सोलापुरकर ने बाद में अपनी टिप्पणी पर खेद व्यक्त करते हुए माफी मांगी और कहा कि वह भविष्य में राष्ट्रीय प्रतीकों के बारे में गलत बयान नहीं देंगे।
शिवाजी महाराज पर की थी टिप्पणी
बता दें कि कुछ दिन पहले, सोलापुरकर ने छत्रपति शिवाजी महाराज के आगरा किले से भागने के बारे में एक पॉडकास्ट में विवादास्पद टिप्पणी की थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि शिवाजी महाराज ने अधिकारियों को रिश्वत देकर भागने का रास्ता अपनाया था, न कि लोकप्रिय मान्यता के अनुसार मिठाई की टोकरी में छिपकर। इस टिप्पणी के बाद उन्होंने शिवाजी महाराज के समर्थकों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए माफी मांगी और भंडारकर ओरिएंटल रिसर्च इंस्टीट्यूट के ट्रस्टी पद से इस्तीफा दे दिया।