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Shakti Bill: महाराष्ट्र में एसिड अटैक पीड़ितों की पहचान बताना अपराध होगा, ऑनलाइन छेड़छाड़ पर भी रोक; बिल पारित

Wed, 25 Mar 2026 03:32 PM IST
Himanshu Singh Chandel न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुूंबई

सार

महाराष्ट्र विधान परिषद ने एसिड अटैक पीड़ितों की पहचान सुरक्षित रखने और ऑनलाइन यौन उत्पीड़न पर सख्त सजा देने वाला कानून पास किया है। भारतीय न्याय संहिता (महाराष्ट्र संशोधन) विधेयक 2026 के तहत अब पीड़ितों का नाम उजागर नहीं होगा। डिजिटल माध्यम से यौन प्रस्ताव देना अपराध माना जाएगा।
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महाराष्ट्र - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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महाराष्ट्र विधान परिषद ने महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े एक अहम कानून को मंजूरी देकर सख्त रुख दिखाया है। एसिड अटैक पीड़ितों की पहचान पूरी तरह सुरक्षित रखने और ऑनलाइन यौन उत्पीड़न पर कड़ी सजा देने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। यह कानून ऐसे अपराधों पर रोक लगाने और पीड़ितों को सम्मान के साथ जीने का अधिकार देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार का कहना है कि यह कानून महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को रोकने में मदद करेगा।
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इस कानून के तहत भारतीय न्याय संहिता (महाराष्ट्र संशोधन) विधेयक 2026 को सर्वसम्मति से पास किया गया। इससे पहले यह विधेयक विधानसभा से भी पारित हो चुका था। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि 2020 में शक्ति बिल लाया गया था, जिसे राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा गया था, लेकिन बाद में इसे वापस भेज दिया गया। इसके बाद केंद्र सरकार ने नया कानून बनाया, जिसे भारतीय न्याय संहिता कहा जाता है और यह जुलाई 2024 से लागू है।

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क्या है इस नए कानून में खास प्रावधान?
सरकार ने एक समिति बनाई थी, जिसने जांच की कि शक्ति कानून के कौन-कौन से प्रावधान नए कानून में शामिल हैं। समिति की सिफारिश के बाद दो अहम बदलाव किए गए। पहला, एसिड अटैक पीड़ितों का नाम तक सार्वजनिक नहीं किया जाएगा। इससे उनकी पहचान पूरी तरह सुरक्षित रहेगी। दूसरा, अब ईमेल, सोशल मीडिया जैसे डिजिटल माध्यम से किसी महिला को यौन प्रस्ताव देना अपराध माना जाएगा। इसके लिए तीन साल तक की जेल और जुर्माने का प्रावधान रखा गया है।

क्यों जरूरी था यह संशोधन?
सरकार का मानना है कि पहले कानून में कुछ खामियां थीं, जिनके कारण पीड़ितों की पहचान उजागर होने का खतरा बना रहता था। साथ ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बढ़ते उत्पीड़न को रोकने के लिए स्पष्ट कानून नहीं था। नए संशोधन से इन दोनों समस्याओं का समाधान किया गया है। इससे महिलाओं की सुरक्षा मजबूत होगी और अपराधियों में डर पैदा होगा।
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महिलाओं की सुरक्षा पर सरकार का क्या है रुख?
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि हर महिला सुरक्षित महसूस करे। यह कानून उसी दिशा में एक मजबूत कदम है। सरकार ने साफ किया है कि ऐसे अपराधों में किसी भी तरह की ढील नहीं दी जाएगी और दोषियों को सख्त सजा मिलेगी।

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