पुणे में नदी पर बना लोहे पुल ढहा
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हादसे में अब तक 38 लोगों को बचाया गया
जिला प्रशासन की ओर से जारी बयान में बताया गया कि, 'इस दुर्घटना में अब तक 38 लोगों को बचाया गया है, जिनमें से 18 गंभीर रूप से घायल हैं और उनका तीन अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। इलाज के दौरान दो लोगों की मौत हो गई।' इसमें कहा गया कि ऐसी आपात स्थितियों से निपटने के लिए विशेष इकाई राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीमें, साथ ही अग्निशमन विभाग, पुलिस और स्थानीय बचाव संगठनों के कर्मी बचाव और राहत प्रयासों में शामिल हैं।
मंत्री गिरीश महाजन ने कहा- मामले की होगी जांच
बारिश के बीच भीड़ को आकर्षित करने के बावजूद मौके पर पुलिस की मौजूदगी न होने के बारे में पूछे जाने पर मंत्री गिरीश महाजन ने कहा कि इसकी जांच की जाएगी। उन्होंने कहा, 'यह देखा गया है कि मानसून के दौरान खतरनाक स्थानों के बारे में लगातार चेतावनी दिए जाने के बावजूद लोग अपनी जान जोखिम में डालकर वहां जाते हैं। हम पर्यटकों से अपील करते हैं कि वे ऐसी जगहों पर जाकर अपनी जान जोखिम में न डालें।'
पुल का लोहे वाला हिस्सा ढहा
बता दें कि, इंद्रायणी नदी पर बने पुल के दो हिस्से है, एक सीमेंट वाला हिस्सा है और दूसरा लोहे वाला हिस्सा था, जो ढह गया है। इलाके में पिछले कुछ दिनों से भारी बारिश हो रही है। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि यह घटना दोपहर 3:30 बजे कुंदमाला इलाके में हुई, जहां पिछले कुछ दिनों से भारी बारिश हो रही है, जिससे नदी का बहाव स्थिर है। उन्होंने बताया कि जब पुल ढहा, तब बारिश नहीं हो रही थी, जबकि कम से कम 100 पिकनिक मनाने वाले लोग मौजूद थे।
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पुणे में नदी पर बना पुल ढहा
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एनडीआरएफ ने चलाया बचाव अभियान
पुलिस के मुताबिक, नदी पर बना लोहे का पुल रविवार की दोपहर में ढहा है। ये घटना मावल तहसील के कुंदामाला इलाके के पास हुई है, इसके बाद एनडीआरएफ की टीम ने घटनास्थल पर बचाव अभियान चलाया।