प्रयागराज में महाकुंभ।
- फोटो : अमर उजाला
महाकुंभ में अमृत स्नान के दौरान श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ना आम बात है। हालांकि, अमृत स्नान के बाद भी प्रयागराज में भीड़ जुटने के जबरदस्त आंकड़े दर्ज किए जा रहे हैं। बीते कुछ दिनों की बात करें तो प्रयागराज के अंदर और बाहर कई मार्गों पर भारी जाम की स्थिति दर्ज की गई है। अहम राजमार्गों पर कई किलोमीटर लंबे जाम भी देखे गए हैं।
इस बीच यह जानना अहम है कि आखिर महाकुंभ में एक बार फिर इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने की वजह क्या है? प्रयागराज के अंदर और बाहर के क्या हालात हैं? बीते दिनों में कितनी भीड़ प्रयागराज पहुंची है? इसके अलावा अब तक कितनी आबादी प्रयागराज पहुंच चुकी है? प्रशासन के इंतजामों की इसमें क्या भूमिका रही है? आइये जानते हैं...
इस लिहाज से तीन स्नानों में ही 14 करोड़ से ज्यादा लोग महाकुंभ में पहुंच चुके हैं। यानी बाकी बचे 24 दिनों में 30 करोड़ लोगों ने प्रयागराज में डुबकी लगाई है। इसका मतलब है कि हर दिन करीब 1.25 करोड़ लोग प्रयागराज में डुबकी लगाने पहुंचे हैं।
महाकुंभ में स्नान से पहले कितनी भीड़ जुटी?
प्रयागराज में बीते तीन दिन से महाजाम की शिकायतें आई हैं। खासकर 8 फरवरी के बाद से प्रयागराज को दूसरे जिलों से जोड़ने वाले राजमार्गों पर भारी जाम की शिकायतें की गईं। अमर उजाला ने लगातार तीन दिनों तक प्रयागराज के नक्शे के जरिए जाम की स्थिति बताई। इनमें प्रयागराज आने-जाने वाले रास्तों पर जबरदस्त भीड़ की बात सामने आई।
चौंकाने वाली बात यह है कि महाकुंभ में रविवार (9 फरवरी) को 1 करोड़ 57 लाख से ज्यादा श्रद्धालु डुबकी लगाने पहुंचे हैं। इसमें 1 करोड़ 47 लाख श्रद्धालु और 10 लाख कल्पवासी शामिल रहे। इसके अलावा शनिवार (8 फरवरी) को महाकुंभ में 1 करोड़ 32 लाख श्रद्धालु संगम मे स्नान के लिए पहुंचे। शुक्रवार (7 फरवरी) को प्रयागराज में 94 लाख लोग पहुंचे थे। इसी दिन शहर में महाकुंभ के लिए आने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा 40 करोड़ के पार हो गया। वहीं, गुरुवार (6 फरवरी) को यह आंकड़ा 78 लाख ही था।