कुएं के किनारे पानी के लिए इकट्ठा हुए ग्रामीण
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देश के कई हिस्सों में अक्सर किसी न किसी कारण से दंगों की खबरें तो सुनने को मिलती रहती हैं लेकिन शायद आपने कभी यह नहीं सुना होगा कि कहीं पानी को लेकर दंगा हो गया हो। हां सही सुना आपने, महाराष्ट्र के लातूर में कुछ ऐसी ही स्थिति पैदा न हो जाए इस आशंका के मद्देनजर प्रशासन ने वहां धारा-144 लागू कर दिया है।
गौरतलब है कि महाराष्ट्र के कई इलाकों में सूखे जैसी स्थिति बनी हुई है और उसमें लातूर जिला सबसे ज्यादा प्रभावित है। पानी को लेकर होने वाली हिंसा के मद्देनजर लातूर प्रशासन ने सीआरपीसी के तहत धारा-144 लागू कर दिया है, जिसके तहत चार या चार से ज्यादा लोगों का एक स्थान पर इकट्ठे होने पर प्रतिबंध लग गया। प्रशासन ने छिट-पुट घटनाओं के बाद यह फैसला किया।
यह धाराएं उन सभी जगहों पर लागू रहेंगी जहां पानी के स्रोत उपलब्ध हैं। इसमें तालाब, कुएं तथा अन्य स्रोत शामिल है। यह अपने आप में एक ऐतिहासिक फैसला है जब देश के किसी हिस्से में पानी के लिए धारा-144 लगाने के आदेश दिए गए हों।