यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ ऑस्ट्रेलिया से जुड़े शोधकर्ताओं का अध्ययन यूरोपियन जर्नल ऑफ न्यूट्रिशन में प्रकाशित हुआ है। शोधकर्ताओं के अनुसार मैग्नीशियम हमारे शरीर में मौजूद उन एंजाइमों और प्रोटीनों के लिए बेहद जरूरी है, जो डीएनए की प्रतिकृति तैयार करने और मरम्मत का काम करते हैं।
मैग्नीशियम एक ऐसा मिनरल है, जो शरीर को बीमारियों से बचाने में बेहद अहम भूमिका निभाता है। इसकी कमी से मनुष्य को कई तरह की बीमारियां घेर सकती हैं। इस बारे में किए एक नए अध्ययन से पता चला है कि मैग्नीशियम युक्त खाद्य पदार्थ सेहत के लिए जरूरी होते हैं, क्योंकि यह डीएनए को होने वाले नुकसान को कम करने में मदद करते हैं।
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यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ ऑस्ट्रेलिया से जुड़े शोधकर्ताओं का अध्ययन यूरोपियन जर्नल ऑफ न्यूट्रिशन में प्रकाशित हुआ है। शोधकर्ताओं के अनुसार मैग्नीशियम हमारे शरीर में मौजूद उन एंजाइमों और प्रोटीनों के लिए बेहद जरूरी है, जो डीएनए की प्रतिकृति तैयार करने और मरम्मत का काम करते हैं। इसके साथ ही यह विभिन्न जैव रासायनिक प्रक्रियाओं में शामिल एंजाइमों के लिए भी मददगार है। शरीर को सुचारु रूप से चलाने के लिए प्रोटीन, विटामिन, कार्बोहाइड्रैट और वसा की जरूरत होती है। कई ऐसे भी माइक्रोन्यूट्रिएंट्स होते हैं जिनकी वैसे तो शरीर को बेहद कम मात्रा में जरूरत होती है, लेकिन अगर इसमें मामूली सी भी कमी आ जाए तो वो शरीर के लिए बेहद हानिकारक साबित हो सकती है। मैग्नीशियम इनमें बेहद अहम है।
कमी से डीएनए को हो सकता है नुकसान
शरीर में 600 से ज्यादा एंजाइमों को काम करने और करीब 200 एंजाइमों को शरीर से जुड़ी महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं को सक्रिय करने में मैग्नीशियम की जरूरत होती है। यदि रक्त में मैग्नीशियम की मात्रा 18 मिलीग्राम/लीटर से कम है तो उसकी वजह से डीएनए को ज्यादा नुकसान हो सकता है।
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सेहतमंद रहने के लिए संतुलित आहार जरूरी
शोध के अनुसार सेहतमंद रहने के लिए लोगों को मैग्नीशियम युक्त संतुलित आहार लेने की सलाह दी गई है। मैग्नीशियम से भरपूर खाद्य पदार्थ, जैसे साबुत अनाज, हरी सब्जियां, मेवे, बीन्स, मछली और डार्क चॉकलेट, शरीर को ऊर्जावान बनाने, दांतों और हड्डियों को मजबूत रखने, ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद करते हैं।
एक कप कटे हुए केले में 41 मिलीग्राम मैग्नीशियम होता है, जो दैनिक आवश्यकता (डीवी) का 10 फीसदी होता है।