उत्तर प्रदेश के मदरसों में योगी सरकार के उस आदेश पर मदरसों ने खारिज कर दिया जिसमें स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रमों की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी का फरमान था। इसके पीछे मदरसों की तरफ से वजह बताई गई कि मुस्लिमों को देशभक्ति साबित करने के लिए किसी को सबूत पेश करने की जरूरत नहीं।
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राज्य के कानपुर, मेरठ और बरेली के मदरसों में कुछ जगहों पर राष्ट्रगान 'जन गण मन' की जगह अल्लामा इकबाल का लिखा 'सारे जहां से अच्छा' गाया गया। सुनी उलेमा परिषद के संयोजक हाजी मोहम्मद सलीह ने कहा 'छात्रों ने ध्वज फहराया और इस अवसर को पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया। सरकार का यह आदेश हमारी देशभक्ति को गलत साबित करने का प्रयास है।'
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दरअसल इस विवाद उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से जारी उस सर्कुलर की वजह से पैदा हुआ जिसमें ये निर्देश दिया गया था कि स्वतंत्रता दिवस पर झंडारोहण और राष्ट्रगान जैसे कार्यक्रमों की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराकर जिले के अल्पसंख्यक अधिकारी को सौंपने का निर्देश था।
राष्ट्रगान के अनदेखी करने वाले मदरसों पर कार्रवाई
जिन मदरसों ने सरकार के इस आदेश पर अमल नहीं किया उन पर कार्रवाई हो सकती है। बरेली के कमिश्नर के मुताबिक, प्रदेश के जिन मदरसों में राष्ट्रगान की अनदेखी की गई सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत उनपर कार्रवाई करने की तैयारी में हैं।
राष्ट्रगान होगा, वंदेमातरम नहीं
आजादी के जश्न को लेकर मचे घमासान पर आल इंडिया टीचर्स एसोसिएशन मदारिसे अरबिया के राष्ट्रीय महामंत्री वहीदुल्लाह खां ने साफ किया था कि मदरसों में वंदेमातरम नहीं होगा। उनका कहना था कि सरकार की ओर से जारी आदेश में भी ऐसी कोई अनिवार्यता नहीं की गई है।