उत्तर प्रदेश के संभल क्षेत्र के एक मदरसे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अनुरोध किया है कि गाय को देश का राष्ट्रीय पशु घोषित कर मांस की बिक्री पर पूरी तरह बैन लगाया जाए। मदरसे ने पत्र लिखकर पीएम से आग्रह किया है कि गायों के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने के साथ सभी दूध देने वाले जानवरों को बूचड़खानों में जाने से रोक लगाई जाए।
समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक अलीजान जमीयत उल मुसलमान शैक्षणिक सोसाइटी ने एक अभियान चलाया है, जिसको मदरसे की ओर से संचालित किया गया है। मदरसे ने एक पोस्टकार्ड के माध्यम से पीएम मोदी से मांस निर्यात पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने का अनुरोध किया है।
मदरसे के प्रबंधक ने कहा कि भविष्य की आने वाली पीढ़ियों के लिए दुध की आपूर्ति को सहजने के लिए हमें आगे आना होगा। उन्होंने बताया कि इसी बात को ध्यान में रखकर फिरोज खान और मौलाना मोहम्मद अली जौहर ने एक पोस्टकार्ड नामक अभियान शुरू किया।
खान ने कहा, 'अगर बूचड़खाने और पशु तस्करी जारी रही तो आने वाली पीढ़ियां दूध नहीं पी पाएंगे। उन्होंने कहा कि हमें गाय और भैंस सिर्फ किताबों में ही देखने को मिलेंगी।' उन्होंने बताया कि मदरसा पिछले पांच-छह सालों से यह अभियान चला रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, इस मुद्दे को लेकर मदरसे के कुछ सदस्यों ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत से भी मुलाकात की है।
ये कुछ बिंदु हैं जो पत्र में पीएम मोदी को लिखे गए हैं-
- मांस निर्यात पर पूर्ण प्रतिबंध
- देश भर में गाय का वध करने पर प्रतिबंध
- गाय को राष्ट्रीय पशु के रूप में घोषित करे
- गाय की रक्षा के लिए एक कानून बनाए