मद्रास हाईकोर्ट ने सोमवार को केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि नए आईटी नियमों के तहत डिजिटल मीडिया कंरनी के खिलाफ कोई जबरन कार्रवाई न की जाए। कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश एमएन भंडारी और न्यायाधीश पीडी आदिकेशवलु की पीठ ने यह बात इंडियन ब्रॉडकास्टर्स एंड डिजिटल मीडिया फाउंडेशन की ओर से दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान कही।
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पीठ ने कहा कि उत्तरदाताओं (केंद्र) को न्यायालय की अनुमति के बिना कोई भी दंडात्मक कार्रवाई करने से रोका जाता है। इसके साथ ही पीठ ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख 25 जनवरी 2022 के लिए तय कर दी। याचिका में इस साल फरवरी में लाए गए सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियमों के प्रावधानों को चुनौती दी गई है।
इससे पहले याचिकाकर्ता के वरिष्ठ अधिवक्ता ने आरोप लगाया था कि बॉम्बे हाईकोर्ट की ओर से कुछ महीने पहले नियमों पर अंतरिम रोक लगाने के बावजूद केंद्र इन नियमों के प्रावधानों के अनुसार दंडात्मक कार्रवाई शुरू कर रहा है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने 14 अगस्त को इन पर रोक लगाई थी। इसके अलावा केरल हाईकोर्ट की ओर से भी केंद्र को दंडात्मक कार्रवाई न करने का निर्देश दिया था।