मद्रास हाईकोर्ट ने गुरुवार को आय से अधिक संपत्ति के मामले में तमिलनाडु के उच्च शिक्षा मंत्री के पोनमुडी को बरी करने के ट्रायल कोर्ट के आदेश पर स्वतः संज्ञान लिया है, जिस पर सुनवाई होगी।
मद्रास हाईकोर्ट ने गुरुवार को आय से अधिक संपत्ति के मामले में तमिलनाडु के उच्च शिक्षा मंत्री के पोनमुडी को बरी करने के ट्रायल कोर्ट के आदेश पर स्वतः संज्ञान लिया है और इस फैसले पर फिर से विचार करने का निर्णय किया है। वेल्लोर कोर्ट ने 28 जून मंत्री पोनमुडी और उनकी पत्नी को बरी कर दिया था।
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उच्च शिक्षा मंत्री पोनमुडी पर 2006 में डीवीएसी ने मामला दर्ज करवाया था। न्यायमूर्ति एन. आनंद वेंकटेश गुरुवार, 10 अगस्त, 2023 को पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई करने वाले हैं। न्यायाधीश ने कहा, रजिस्ट्री को इस आदेश की एक प्रति मुख्य न्यायाधीश के समक्ष जानकारी के लिए रखने का निर्देश दिया गया है।
सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय ने मंत्री पोनमुडी के गृह जिले विल्लुपुरम की एक अदालत के समक्ष मंत्री पर मुकदमा चलाया था लेकिन बाद में इसे वेल्लोर स्थानांतरित कर दिया गया था। अभियोजन पक्ष का मामला यह था कि द्रमुक नेता पोनमुडी ने 1996 और 2001 के बीच मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान अपने और अपनी पत्नी के नाम पर 1.4 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित की थी, जो उनकी आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक थी।
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ईडी के कार्यालय में आठ घंटे तक पूछताछ की गई थी
इससे पहले पिछले महीने तमिलनाडु के उच्च शिक्षा मंत्री पोनमुडी से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के कार्यालय में आठ घंटे तक पूछताछ की गई थी। डीएमके प्रवक्ता सरवनन ने आरोप लगाया कि ईडी की लंबे समय तक पूछताछ मानवाधिकारों का पूरी तरह से उल्लंघन है। निदेशालय (ईडी) ने पिछले महीने तमिलनाडु के उच्च शिक्षा मंत्री पोनमुडी के आवासों पर भी तलाशी ली थी।
इससे पहले जून में, मंत्री वी सेंथिल बालाजी को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा हिरासत में लिए जाने के कुछ घंटों बाद, तमिलनाडु के मंत्री पोनमुडी ने इसे प्रतिशोधी कृत्य करार दिया और दावा किया कि केंद्र उन राज्यों के खिलाफ गलत कार्रवाई कर रहा है जहां गैर भाजपा सरकार है।