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Madras High Court: मद्रास हाईकोर्ट ने पुलिस प्रसासन को लगाई फटकार, राज्य के गृह सचिव को पेश होने का दिया आदेश

Thu, 30 Jan 2025 01:46 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई

सार

मद्रास हाईकोर्ट ने राज्य की पुलिस को फटकार लगाते हुए मनमानी तरीके से काम करने का आरोप लगाया है। साथ ही हाईकोर्ट ने  तमिलनाडु के गृह सचिव को 31 जनवरी 2025 को अदालत में पेश होने का आदेश भी दिया है।
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मद्रास हाईकोर्ट। - फोटो : ANI
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विस्तार
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मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु के गृह सचिव को 31 जनवरी 2025 को अदालत में पेश होने का आदेश दिया है। यह आदेश पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज करने और जांच के बाद अंतिम रिपोर्ट दाखिल न करने के मामले को लेकर दिया गया है। बता दें कि न्यायधीश पी वेलमुरुगन ने बुधवार को पी सुंदर द्वारा दायर याचिका पर अंतरिम आदेश पारित करते हुए यह निर्देश दिया, जिसमें 2015 में दर्ज एक मामले में पुलिस द्वारा अंतिम रिपोर्ट दाखिल न किए जाने की शिकायत की गई थी।
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न्यायाधीश पी वेलमुरुगन का तर्क
मामले में सुनवाई के दौरान न्यायधीश ने कहा कि न्यायाधीश ने कहा कि जब बुधवार को मामले की सुनवाई हुई तो सरकारी वकील ने कहा कि यह मामला वर्ष 2015 में ही बंद हो चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि यह पहली बार नहीं है, जब पुलिस मामलों में अंतिम रिपोर्ट दाखिल नहीं कर रही है।

पुलिस समय पर रिपोर्ट नहीं दाखिल कर रही- न्यायाधीश
न्यायाधीश ने तर्क दिया कि कानून के बनाए गए नियमों के अनुसार, एफआईआर दर्ज होने के बाद उसे तुरंत संबंधित मजिस्ट्रेट के पास भेजा जाना चाहिए, लेकिन तमिलनाडु में कई मामलों में पुलिस समय पर रिपोर्ट नहीं दाखिल कर रही है। इससे न्याय पाने के लिए लोगों को संघर्ष करना पड़ रहा है, खासकर गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों को। 
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साथ ही न्यायाधीश ने कहा कि जब भी पुलिस जांच करती है, तो बरामद और जब्त की गई सामग्री और दर्ज किए गए बयानों को बिना किसी अनावश्यक देरी के तुरंत संबंधित मजिस्ट्रेट के पास पहुंचना होता है। जांच पूरी होने के बाद, पुलिस को समय-सीमा के भीतर संबंधित मजिस्ट्रेट के समक्ष अंतिम रिपोर्ट दाखिल करनी होती है।

मनमानी तरीके से काम कर रही पुलिस- न्यायाधीश
साथ ही मामले में न्यायमूर्ति ने यह भी कहा कि पुलिस अधिकारी मनमानी तरीके से काम कर रहे हैं और अदालत के आदेशों का पालन नहीं कर रहे हैं, जिससे जनता को कठिनाई हो रही है। इसलिए गृह सचिव को अदालत में पेश होने का आदेश दिया गया है, ताकि इस समस्या का समाधान किया जा सके।
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