मद्रास उच्च न्यायालय ने स्टरलाइट विरोधी एक प्रदर्शनकारी को सशर्त जमानत मिलने के बावजूद हिरासत में रखने पर सख्त रुख अपनाते हुए तूतीकोरिन के कलेक्टर को अदालत में हाजिर होने का आदेश दिया है।
न्यायमूर्ति सीटी सेल्वम एवं न्यायमूर्ति ए. एम. बशीर अहमद की खंडपीठ ने प्रश्न किया कि 'क्या यह लोकतांत्रिक तमिलनाडु है या पुलिस राज वाला राज्य? पीठ ने तूतीकोरिन के कलेक्टर को अदालत में हाजिर होने और यह बताने को कहा है कि किस प्रकार से राघवन पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लगाया जा सकता है।
अदालत ने राघवन की पत्नी की ओर से दाखिल याचिका पर यह निर्देश दिए। बता दें कि तमिलनाडु के तूतीकोरिन में बने स्टरलाइट कॉपर प्लांट को बंद करने को लेकर हिंसक विरोध प्रदर्शन में 13 लोगों की मौत हो गई थी। हालांकि बाद में विरोध प्रदर्शन के चलते सरकार ने प्लांट को सील कर दिया।