मद्रास हाईकोर्ट के जज जस्टिस एन आनंद वेंकटेश ने तय किया है कि समलैंगिक मामले में आदेश देने से पहले वह इस बारे में खुद मनोशिक्षा लेंगे, ताकि ऐसे मामलों में कोई फैसला देने से पहले उस विषय पर अच्छी समझ बनाई जा सके।
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समलैंगिक दंपती की याचिका पर सुनवाई के दौरान जज ने कहा, मुझे कुछ वक्त चाहिए। आखिरकार इस मामले में शब्द मेरे अंत:करण से आना चाहिए, न कि मेरे दिमाग से। इसीलिए मैं मनोवैज्ञानिक विद्या दिनाकरण से इस बारे में जानूंगा। उन्होंने मामले की सुनवाई सात जून तय कर दी।