न्यायमूर्ति आर. महादेवन और न्यायमूर्ति मोहम्मद शफीक की खंडपीठ ने पनीरसेल्वम को पार्टी से निष्कासित करने के मामले में भी हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है।
एआईडीएमके के अपदस्थ नेता ओ पनीरसेल्वम ने पिछले साल जुलाई 2022 की आम परिषद की बैठक में के. पलानीस्वामी को पार्टी के अंतरिम प्रमुख के रूप में चुने जाने के फैसले को चुनौती दी थी, जिसे मद्रास उच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया है।
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न्यायमूर्ति आर. महादेवन और न्यायमूर्ति मोहम्मद शफीक की खंडपीठ ने पनीरसेल्वम को पार्टी से निष्कासित करने के मामले में भी हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है। उन्होंने पनीरसेल्वम और उनके सहयोगियों आर. वैथिलिंगम, पॉल मनोज पांडियन और जेसीडी प्रभाकर द्वारा एकल न्यायाधीश के आदेश को चुनौति देने वाली याचिका को भी खारिच कर दिया। अदालत ने 11 जुलाई 2022 में अन्नाद्रमुक सामान्य परिषद द्वारा पारित प्रस्तावों में भी हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है।
सामान्य परिषद अन्नाद्रमुक की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था है। पार्टी ने पनीरसेल्वम और उनके समर्थकों को पार्टी से निष्कासित कर, पलानीस्वामि को अंतरिम महासचिव चुनने के प्रस्ताव को मंजूरी भी दे दी थी। पलानीस्वामि को इस साल पार्टी का महासचिव के तौर पर नियुक्त किया गया है। अन्नाद्रमुक तमिलनाडु की मुख्य विपक्षी पार्टी है।